हाई वोल्टेज ड्रामाः महिला MO पहुंच गई सिविल सर्जन पद पर ज्वाइन करने, पत्र दिखाकर वर्तमान CS को कुर्सी छोड़ने को कहा,फिर...

हाई वोल्टेज ड्रामाः महिला MO पहुंच गई सिविल सर्जन पद पर ज्वाइन करने, पत्र दिखाकर वर्तमान CS को कुर्सी छोड़ने को कहा,फिर...

PATNA: बिहार में स्वास्थ्य विभाग का एक चिकित्सा पदाधिकारी बिना विभागीय ऑर्डर के ही सिविल सर्जन के पद पर ज्वाईन करने पहुंच गया। महिला चिकित्सा पदाधिकारी स्वास्थ्य विभाग की बजाय कोर्ट का एक ऑर्डर लेकर सिविल सर्जन दफ्तर पहुंची और वर्तमान सिविल सर्जन को कुर्सी छोड़ने को कहा। जब सिविल सर्जन ने महिला अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग का नोटिफिकेशन दिखान को कहा तब उन्होंने कोर्ट का आदेश दिखाया।इसके बाद वर्तमान सिविल सर्जन ने महिला अधिकारी को विभाग का आदेश लेकर आने कहा। काफी देर तक सिविल सर्जन दफ्तर में हाई वोल्टेज ड्रामा होते रहा। 

मोतिहारी सिविल सर्जन दफ्तर में चला हाईवोल्टेड ड्रामा

पूरा मामला मोतिहारी सिविल सर्जन कार्यालय का है। मोतिहारी में सिविल सर्जन के प्रभार को लेकर सोमवार देर शाम तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला।जिले की पूर्व सीएस सरोज सिंह सोमवार को देर शाम तक सिविल सर्जन का प्रभार लेने के लिए कार्यालय में जमी रहीं ।सरोज सिंह बिना विभागीय आदेश के ही अपनी वर्तमान जगह को छोड़कर पूर्व में पदस्थापित जगह पर सिविल सर्जन का चार्ज लेने पहुंच गईं। वो पटना हाईकोर्ट का एक आदेश प्रस्तुत कर रही थीं। जिसमें पूर्व का आदेश रद्द बताया जा रहा था। लेकिन वर्तमान सिविल सर्जन अखिलेश्वर प्रसाद सिंह बिना विभाग के आदेश के प्रभार देने से किया इंकार कर दिया। वे सरोज सिंह से सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन की मांग कर रहे थे। लेकिन वे शाम तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नोटिफिकेशन नहीं दे पाये। पूर्व सिविल सर्जन सरोज सिंह जब प्रभार लेने में नाकामयाब हुई इसके बाद वे मोतिहारी DM के पास पहुंची लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली।

न्यूज4नेशन की खबर के बाद सरोज सिंह का स्थानांतरण हुआ था रद्द


दरअसल पूरा मामला 2013 से जुड़ा है। सरोज सिंह तब मोतिहारी की सिविल सर्जन थी।उनके कार्यकाल के दौरान सदर अस्पताल में करोड़ों का दवा घोटाला हुआ। इस मामले में तत्कालीन सिविल सर्जन जो उस समय उसी जिले में पदस्थापित थी उनके खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। विवाद बढ़ता देख कुछ समय बाद उनका वहां से स्थानांतरण हो गया। आज भी दवा घोटाले में जब्त दवा थाने में सड़ रहा है। इसी बीच 22 सितंबर 2020 को सरोज सिंह को एक बार फिर से मोतिहारी का सिविल सर्जन बना दिया गया। न्यूज4नेशन ने जब इस मामले को उठाया और खुलासा किया कि एक बड़े घोटाले के आरोपी को फिर से उसी जिले का सिविल सर्जन बना दिया गया। जब सरकार के चेहरे की भद्द पिटी इसके 48 घंटे बाद ही स्वास्थ्य विभाग ने उस तबादले आदेश को रद्द कर दिया और सरोज सिंह को सिविल सर्जन के पद से हटा कर अखिलेश प्रसाद सिंह को मोतिहारी का नया सिविल सर्जन बना दिया। इसके बाद सरोज सिंह पटना हाईकोर्ट चली गई। हाईकोर्ट के एक आदेश को लेकर वे विभाग की जगह सीधे मोतिहारी सिविल सर्जन कार्यालय ज्वाईन करने पहुंच गई। लेकिन वहां तो पहले से ही सिविल सर्जन के पद पर दूसरे अधिकारी तैनात थे। लिहाजा बैंरग वापस होना पड़ा। 

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