बिहार के लोग अब 'प्रशांत किशोर' पर कैसे करेंगे विश्वास? रात के अंधेरे में CM नीतीश से मिलकर अपनी इच्छा कर ली पूरी, जन सुराज का क्या होगा..

बिहार के लोग अब 'प्रशांत किशोर' पर कैसे करेंगे विश्वास? रात के अंधेरे में CM नीतीश से मिलकर अपनी इच्छा कर ली पूरी, जन सुराज का क्या होगा..

PATNA:  बिहार में जन सुराज की कल्पना करने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर रात के अंधेरे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर ली. वे कई महीने से बिहार में डेरा डाले हुए हैं. वे बिहार में जन सुराज लाने को लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं. पीके लगातार सीएम नीतीश कुमार के विकास मॉडल पर सवाल खड़े कर रहे हैं. मीडिया में नीतीश कुमार के खिलाफ आवाज बुलंद कर बिहार में टीआरपी बटोर रहे. इसी बीच जैसे ही मौका मिला,उसी नीतीश कुमार से मिलने पहुंच गये, जिन्हें पानी पी-पीकर कोस रहे थे। पीके ने कुछ महीने पहले ही ऐलान किया था कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन से गांधी की धऱती चंपारण से पदयात्रा करेंगे। पीके ने कहा था कि वे जन सुराज के लिए गांव-देहात जाएंगे और एक-एक लोग से संपर्क करेंगे। लेकिन सितंबर आते-आते लगता है कि उनका मन डोलने लगा.वे संघर्ष के रास्ते को छोड़ फिर से नीतीश कुमार के साथ आना चाहते हैं। यही वजह है कि पवन वर्मा के माध्यम से नीतीश कुमार से मुलाकात कर ली। 

पीके की इच्छा का नीतीश ने किया आदर 

मंगलवार की देर रात प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री आवास पहुंच गये। उनके साथ पूर्व राज्यसभा सांसद पवन वर्मा भी थे। मुख्यमंत्री आवास में तकरीबन 2 घंटे रहे. पहले तो प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश से मुलाकात की बात को खारिज कर दिया था। लेकिन खुद मुख्यमंत्री ने इस बात की पुष्टि कर दी। साथ ही यह कहकर पीके की हवा निकाल दी कि वे हमसे मिलना चाहते थे। लिहाजा हमने मुलाकात कर ली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि प्रशांत किशोर से मुलाकात हुई है। उनसे क्या बातचीत हुई है प्रशांत किशोर से ही पूछ लीजिए. आगे कहा कि पीके से कोई खास बात नहीं हुई है. पवन वर्मा भी आए थे, उनसे मेरा बहुत पुराना संबंध है. नीतीश कुमार ने कहा कि किसी से मिलने में कोई दिक्कत नहीं है. हमारा बहुत पहले से संबंध है. यदि कोई मिलना चाहता है तो क्यों नहीं मिलेगा.इस तरह से नीतीश कुमार ने इशारों ही इशारों में साफ कर दिया कि प्रशांत किशोर ही हमसे मिलना चाह रहे थे। प्रशांत किशोर के साथ आने के सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. सामान्य बातचीत प्रशांत किशोर से हुई है.

अब जन सुराज पर बिहार के लोग कैसे करेंगे विश्वास 

प्रशांत किशोर ने दो अक्तूबर से बिहार के पश्चिमी चंपारण से 3,000 किलोमीटर की 'पदयात्रा' की भी घोषणा की है। जन सुराज का ऐलान के समय पीके ने कहा था कि मैं अगले तीन-चार साल तक बिहार के लोगों तक पहुंचने में लगाऊंगा। पीके ने यह भी कहा कि वे जन सुराज के लिए गांव-देहात जाएंगे और एक-एक लोग से संपर्क करेंगे। प्रशांत किशोर ने तब कहा था कि बिहार आज 30 साल के लालू और नीतीश के राज के बाद भी देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य है। विकास के कई मानकों पर बिहार आज भी देश के सबसे निचले पायदान पर है। बिहार अगर आने वाले समय में अग्रणी राज्यों की सूची में आना चाहता है तो इसके लिए नई सोच और नए प्रयास की जरूरत है।  प्रशांत किशोर का कहना था कि आने वाले 10 से 15 सालों में अगर बिहार में बदलाव लाना है तो जिन रास्तों पर बिहार चल रहा है उससे नहीं पहुंच सकते हैं। इसके लिए नई सोच और नए प्रयास की जरूरत है। कोई भी व्यक्ति यह दावा नहीं कर सकता है कि यह सोच और नई प्रयास की क्षमता किसी एक व्यक्ति के पास है। बिहार के प्रत्येक नागरिक को आगे आने की जरूरत है तभी जाकर प्रदेश की स्थिति सुधरेगी। 

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