मेरठ में खत्म हुई मानवता : बीच सड़क युवक को चाकू से गोदा, गला काटकर की हत्या, कोई नही आया बचाने

मेरठ में खत्म हुई मानवता : बीच सड़क युवक को चाकू से गोदा, गला काटकर की हत्या, कोई नही आया बचाने

MEERUT : यूपी में योगी सरकार की वापसी का कारण अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाना था, लेकिन ऐसा लगता है कि दोबारा योगी सरकार बनने के साथ ही यहां अपराधी इतने बेखौफ हो गए हैं कि अब बीच सड़क सैंकड़ों लोगों के सामने हत्या करने से भी नहीं डर रहे हैं। मेरठ में ऐसी ही एक घटना हुई है। जहां सरेराह बीच बाजार एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि चाचाओं ने ही प्रॉपर्टी के विवाद को लेकर भतीजे पर हमला बोला और उसके मरने तक बेहरमी से ताबड़तोड़ चाकू मारते रहे. बीच सड़क पर हुई इस वारदात को लोग देखते रहे, लेकिन किसी ने कातिलों को रोकने तक की हिम्मत नहीं की. हत्या की यह पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई है। 

चाकू मारने से नहीं मरा, तो काट दी गर्दन

दरअसल, शहर के लिसाड़ी गेट थाना इलाके का रहने वाला साजिद रविवार को किसी काम से ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित इत्तेफाक नगर गया था. इसी दौरान पीछे से आए तीन लोगों ने साजिद को पकड़कर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए. चाकू लगने से साजिद गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया. इसके बाद भी जब घायल साजिद ने उठने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उसको जिंदा देखकर फिर चाकू से हमला कर दिया और गर्दन काट डाली.

किसी ने बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई

हैरानी की बात यह है कि युवक पर ताबड़तोड़ चाकुओं से वार होता रहा, मगर मौके पर मौजूद कोई भी हत्यारों को रोकने की कोई हिम्मत नहीं कर सका और न ही किसी ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बुरी तरह घायल साजिद को रिक्शा में रखकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टर ने उस को मृत घोषित कर दिया. 

प्रापर्टी को लेकर चल रहा विवाद

बताया गया कि फिरोजनगर घंटे वाली गली निवासी यूनुस का प्रापर्टी को लेकर अपने भाई शहजाद, जावेद और नौशाद से विवाद चल रहा है। रविवार दोपहर करीब दो बजे यूनुस का बेटा साजिद नमाज पढ़कर लौट रहा था, तभी तीनों चाचाओं ने उसपर हमला कर दिया। छाती से लेकर पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित बेखौफ होकर स्कूटी से भाग गए।

पुलिस के विलंब से पहुंचने पर स्वजन ने लिसाड़ी गेट चौराहे पर जाम लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया और शव मर्चरी भेज दिया। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने घटना का संज्ञान लेते हुए एसएसपी को दिशा निर्देश दिए हैं।

तो यह घटना नहीं हो पाती: एसपी

मेरठ के एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है स्थानीय लोग और राहगीरों ने अगर कोई बचाव किया होता तो यह घटना नहीं होती. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 3 लोगों की पहचान की गई है. पुलिस अफसर ने बताया कि तीनों की पहचान करके उनके छिपने के स्थानों पर दबिश दी जा रही है. जल्दी इन को गिरफ्तार किया जाएगा. साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. प्रयास है कि जल्दी से जल्दी सभी गिरफ्तारी हो जाए. 


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