गया से सैकड़ों मिल दूर बेंगलुरु में फ्लाइंग रैबिट्स का जलवा, एयर शो में दिखाए एक से बढ़कर एक करतब

गया से सैकड़ों मिल दूर बेंगलुरु में फ्लाइंग रैबिट्स का जलवा, एयर शो में दिखाए एक से बढ़कर एक करतब

GAYA : साहसिक गतिविधियां हमेशा सैन्य जीवन का हिस्सा रही हैं। स्थान चाहे जो भी हो, भारतीय सेना के सैनिकों ने अपने भीतर साहस की भावना को बनाए रखने के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण कार्यों में भाग लिया है। साहसिक गतिविधियाँ निश्चित रूप से शारीरिक फिटनेस और मानसिक मजबूती जैसे नेतृत्व गुणों को विकसित करने में मदद करती हैं और इस तरह का अनुभव निश्चित रूप से इसमें शामिल कर्मियों के लिए कुछ सीख प्रदान करता है। आजादी का अमृत महोत्सव और 11वें ए एस सी रीयूनियन के उपलक्ष्य में सेना के माइक्रोलाइट अभियान को 30 नवंबर 2022 को हरी झंडी दिखाकर गया (बिहार) से रवाना किया गया। 

आर्मी माइक्रोलाइट अभियान दल सेना सेवा कोर केंद्र और कॉलेज बेंगलुरु में 11 वें ए एस सी रीयूनियन और 262 वें ए एस सी कोर दिवस के उपलक्ष्य में 7 दिनों में लगभग 2500 किलोमीटर की हवाई दूरी तय की। यह अभियान बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के मैदानी और पहाड़ी इलाकों से होते हुए बेंगलुरु तक पहुचा। खराब मौसम और तेज हवाओं ने इसे बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान बनाया। सेना सेवा कोर और आर्मी एडवेंचर विंग के तत्वावधान में चुनौतीपूर्ण राष्ट्रीय अभियान का आयोजन आर्मी एडवेंचर नोडल सेंटर (माइक्रोलाइट) गया द्वारा किया गया है। 

यह प्रतिष्ठित साहसिक नोड माइक्रोलाइट फ्लाइंग के साहसिक खेलों में माहिर है और अतीत में कई साहसिक अभियान चला चुका है जो लोकप्रिय रूप से "फ्लाइंग रैबिट्स"के रूप में विख्यात हैं। माइक्रोलाइट विमानों द्वारा एयर शो को देखने के लिए सेना सेवा कोर केंद्र और कॉलेज बेंगलुरु में सैकड़ों सैनिक उनके बच्चे और परिवार के साथ- साथ अन्य दर्शको की भीड़ जुटी थी। जब इन विमानों ने आसमान से फूल बरसाए तो दर्शकों के चेहरे खिल उठे और तालियों से इनके कार्यों को सराहा। टीम फ्लाइंग रैबिट्स ने आसमान में राष्ट्रीय ध्वज, भारतीय सेना का ध्वज और सेना सेवा कोर का ध्वज लहराया तथा विभिन्न बैनर जिसमें आजादी का अमृत महोत्सव और 11वें ए एस सी रीयूनियन के अलावा अन्य बैनरो को शामिल किया गया था, दिखा कर राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प प्रकट किया। 

एयर शो के दौरान तेज हवा और खराब मौसम से विमान तो डगमगाए परंतू जाबांज पायलटों का हौसला नहीं, विपरीत परिस्थियों में भी साहस और बुद्धिमानी की परिचय देते हुए एयर शो सफलता पूर्व संपन्न किया । इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्र की सेवा में तैनात हमारे बहादुर सैनिकों द्वारा दिखाए गए धैर्य और दृढ़ संकल्प को उजागर करके देशभक्ति के संदेश को फैलाना था। यात्रा में सेना के अनुभवी पायलट, जिनमें कर्नल लक्ष्मी कांत यादव, ( टीम लीडर ), कर्नल राहुल मनकोटिया, कर्नल विक्रम शेखावत, सेना मेडल, नायक प्रदीप सिंह और नायक यादव विजय कुमार शामिल थे। अन्य पायलटों में ब्रिगेडियर संदीप सिन्हा, कर्नल पी पी सिंह, कर्नल डी एस फनसालकर, लेफ्टिनेंट कर्नल अरुण प्रकाश, लेफ्टिनेंट कर्नल बी पी सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल अमित सांगवान, नायक रवि चौहान, नायक विपिन शर्मा, सिपाही प्रफुल्ल फुक्कन के साथ सूबेदार विनोद कुमार के नेतृत्व में अनुभवी और साहसी ग्राउंड क्रू शामिल थे। 

कार्यक्रम के अंत में सेना सेवा कोर के महानिदेशक तथा सीनियर कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार सिंह यादव, सेना मेडल और सेना सेवा कोर सेंटर एंड कॉलेज के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल बसंत कुमार रेपस्वाल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल ने टीम "फ्लाइंग रैबिट्स" की इस साहसिक अभियान के लिये भूरी-भूरी प्रसंशा की और उन्हें सम्मानित किया।

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 

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