तेजस्वी की जमानत रद्द नहीं होगी तो IRCTC घोटाले की जांच होगी प्रभावित, संजय जायसवाल ने बताया कैसे

तेजस्वी की जमानत रद्द नहीं होगी तो IRCTC घोटाले की जांच होगी प्रभावित, संजय जायसवाल ने बताया कैसे

पटना. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने रविवार को कहा कि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी जब देश के गृह राज्य मंत्री को ठंडा करने की धमकी दे सकते हैं तो ऐसे व्यक्ति आईआरसीटीसी घोटाला में जमानत पर बाहर रहते हुए जांच को प्रभावित क्यों नहीं कर सकते हैं? दरअसल, सीबीआई ने आईआरसीटीसी घोटाला में जमानत पर बाहर चल रहे तेजस्वी यादव की जमानत ख़ारिज करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है. इसमें तेजस्वी पर जांच को प्रभावित करने को लेकर बातें की गई हैं. इसी पर अब संजय जायसवाल ने तेजस्वी को निशाने पर लिया है. 

उन्होंने कहा कि सीबीआई का अर्जी देना बेहद जरूरी है. तेजस्वी ने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को ठंडा करने की धमकी दी थी. बिहार में ठंडा करने का मतलब सबको पता है. अधिकारियों को यह बोलना कि आपका भी परिवार है,  आप रिटायर करेंगे. यह सब बिल्कुल गलत है. इस तरह की बात करने वाले व्यक्ति पर जरूर कार्रवाई होगी. जमानत पर छूटा हुआ व्यक्ति गृह राज्यमंत्री पर बोले यह ठीक नहीं है. ऐसे व्यक्ति द्वारा सीबीआई के अफसरों पर कितना प्रभाव डाला गया होगा सब जानते हैं.

उन्होंने जदयू पर हमला बोलते हुए कहा कि आईआरसीटीसी घोटाला में तेजस्वी यादव के खिलाफ ललन सिंह ने ही सभी साक्ष उपलब्ध कराए थे. वर्ष 2008 में ललन सिंह ने ही साक्ष्य उपलब्ध कराया जिसके बाद कार्रवाई हुई. अब ललन सिंह ने एक सोची समझी रणनीति के तहत जदयू का राजद से गठबंधन कराया है. ललन सिंह ने जानबूझकर समझौता किया ताकि राजद को हथिया सके. आईआरसीटीसी घोटाला में तेजस्वी यादव पर कार्रवाई होगी और राजद पर जदयू का कब्जा होगा. इसी कारण ललन सिंह ने यह पहल की है. 


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