आईएमए ने बाबा रामदेव के खिलाफ थाने में दिया आवेदन, चिकित्सा विज्ञान की खिल्ली उड़ाने का लगाया आरोप

आईएमए ने बाबा रामदेव के खिलाफ थाने में दिया आवेदन, चिकित्सा विज्ञान की खिल्ली उड़ाने का लगाया आरोप

PATNA : एलोपैथ चिकित्सकों और रामकृष्ण यादव उर्फ़ बाबा रामदेव के बीच का विवाद अब तुल पकड़ने लगा है. इसी कड़ी में पटना में डॉक्टर्स की संश्था इंडियन मेडिकल एसोशियेशन ने बाबा रामदेव पर मुकदमा दर्ज कराया है. पटना के पत्रकारनगर थाने में संस्था की ओर से इसके लिए आवेदन दिया गया है. दिए गए आवेदन में कहा गया है की  वर्तमान कोविड-19 महामारी में बिहार के आधुनिक चिकित्सा पद्धति के सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सकों ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ जागरूकता, रोकथाम, बीमारी की पहचान, इलाज, टीकाकरण में केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार लगातार काम करते हुए कोविड-19 जैसे खतरनाक बीमारी से हजारों लोगों को मौत के मुंह से बचाया है. 

इस दौरान हमने 151 से ज्यादा चिकित्सकों को भी कोरोना संक्रमण से खोया है. केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों ने आधुनिक शिक्षा पद्धति एवं चिकित्सकों को बार-बार सम्मान करते हुए धन्यवाद दिया है. ऐसे समय में जब बिहार एवं देश कोरोना की दूसरी खतरनाक लहर से जूझ रहा है. बाबा रामदेव और उनके साथियों ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के चिकित्सकों एवं चिकित्सक शहीदों की खिल्ली उड़ाते हुए आरोप लगाए हैं. जिससे चिकित्सकों की  भावनाएं आहत हुई है. इससे बड़ी संख्या में मरीजों की मृत्यु हुई है तथा अभियान को धक्का लगा है. 

आवेदन में कहा गया है कि जून में बाबा रामदेव की कंपनी ने कोरोनिल से दवा के प्रचार प्रसार के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें बिना किसी वैज्ञानिक जांच प्रमाण पत्र एवं स्वीकृति के दावा किया गया कि कोरोना वायरस के मरीजों को क्योर करता है. उनके इस दावे का खंडन करते हुए आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने 23 जून 2020 को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. जिसमें आयुष मंत्रालय द्वारा बाबा रामदेव एवं उनके संस्थान को कोरोनिल संबंधी विज्ञापन बंद करने को कहा गया. भारत सरकार ने बाबा रामदेव द्वारा किए गए दावे को  से भी इनकार किया. फिर भी बाबा रामदेव दवा का प्रचार प्रसार और बिक्री जारी रखे हुए हुए है. यह आईपीसी के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराधिक मामला है. 

पटना से अनिल कुमार की रिपोर्ट

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