अमर हो गया रिश्ता : पति के शव से लिपटकर रोती पत्नी ने भी तोड़ा दम, एक साथ उठी अर्थी, एक चिता पर अंतिम संस्कार

अमर हो गया रिश्ता : पति के शव से लिपटकर रोती पत्नी ने भी तोड़ा दम, एक साथ उठी अर्थी, एक चिता पर अंतिम संस्कार

दरभंगा. जन्म जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा.... इस गीत के अल्फाज दरभंगा जिला के तारडीह प्रखंड के मछैता पचही टोल के रहने वाले सुधीर झा एवं उनकी पत्नी निर्मला देवी के जीवन पर सटीक बैठती है। बीमार पति की मौत के चंद घंटे बाद ही पत्नी निर्मला देवी ने भी अपने प्राण त्याग दिए। पति के मौत के गम में उनका भी प्राण निकल गया। 

बुजुर्ग दंपति की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने गमगीन माहौल में दंपति का एक साथ अर्थी निकाला तो ग्रामीणों के आंखों से बरबस ही अश्रु धारा बहने लगी। बुजुर्ग दंपति की मौत क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बड़े ही धर्म परायण एवं सात्विक विचार के धनी थे। लोगों के साथ काफी मधुर संबंध था। 

मालूम हो कि सुधीर झा का रविवार की सुबह पटना में इलाज के दौरान निधन हो गया था। निर्मला देवी अपने छोटे पुत्र चंदन झा के साथ पति का शव लेकर स्वयं देर शाम दरभंगा अपने आवास पर आई थी। घर में पिता और पति की मौत से माहौल गमगीन था। बड़ा पुत्र धीरज झा जो पिता की मौत की सूचना पर रविवार को ही देर शाम घर पहुंचने पर उन्होंने कहा 'मां के आखिरी अल्फ़ाज़ थे कि ‘ले अब अपन राजपाट संभाल हम हूं अब जाय छियौ'  कहकर पिता के शव से लिपट कर बेहोश हो गई और उनके प्राण छूट गए। 

घटना के बाद से विवाहिता पुत्री राखी झा के साथ परिजनों में कोहराम मच गया है। वही मृतक दंपति अपने पीछे 2 पुत्र एक पुत्री एवं नाति पोता सहित भरा पूरा परिवार छोड़ कर चले गए। घटना की सूचना पर मृतक दंपति के आखिरी दर्शन को लेकर लोगों की भीड़ उम्र पड़ी। दोनों मृतक दंपति का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर उनके पैतृक गांव पचही मछैता में हुआ। बड़े पुत्र धीरज झा ने अपने मां पिता को मुखाग्नि दी


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