बिहार पंचायत चुनाव में फर्जी मतदान पत्र से मतदान करवाने का खेल का पर्दाफाश,मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस के गिरफ्त से बाहर

बिहार पंचायत चुनाव में फर्जी मतदान पत्र से मतदान करवाने का खेल का पर्दाफाश,मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस के गिरफ्त से बाहर

GOPALGANJ : प्रदेश में निर्वाचन आयोग के नाक के नीचे किस तरह से प्रत्याशी फर्जी वोटरों के सहारे पंचायत चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। इसका एक बड़ा उदाहरण गोपालगंज जिले से सामने आया है। जहां बीते तीन नवंबर को हुए छठे चरण के पंचायत चुनाव के दौरान निवर्तमान मुखिया व प्रत्याशी समर्थकों द्वारा मरे हुए लोगों और देश विदेश में जाकर बस चुके लोगों के नाम पर वोटिंग करवाई गई। आरोप है कि इस दौरान एक दो नहीं बल्कि 491 फर्जी वोट डाले गए। पंचायत चुनाव में जहां एक एक वोट मायने रखते हैं, वहां 491 वोटों की क्या अहमियत होगी, यह समझा जा सकता है। मामले में बिहार निर्वाचन आयोग से शिकायत कर यहां मतदान को रद्द करने की मांग की गयी है।

मामला गोपालगंज जिले के उचकागांव प्रखंड के छोटका सांखे से जुड़ा हुआ है। यहां तीन नवंबर को वोटिंग कराई गई थी। पंचायत में फिलहाल रामावती देवी निर्वतमान मुखिया हैं और वह चुनाव में प्रत्याशी भी हैं। आरोप है कि रमावती देवी के पति लक्ष्मण यादव और उनके देवर दिनेश यादव ने फर्जी वोटरआईडी कार्ड बनवाकर अपने लोगों से वोट दिलवाए। मुखिया चुनाव में प्रत्याशी रेणु देवी के प्रतिनिधियों का कहना है कि यहां ऐसे लोगों के नाम पर वोट दिए गए, जो फिलहाल यहां नहीं रहते हैं और विदेशों में जाकर बस चुके हैं। वहीं कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है। उनके नाम पर भी वोट डाले गए हैं।

पुलिस ने की कार्रवाई

मुखिया प्रत्याशी व ग्रामीणों के इस आरोप की पुष्टि इस बात से भी हो जाती है कि जिस दिन पंचायत में मतदान कराया जा रहा था। उसी दिन पुलिस ने जिले के एसटी-एससी थाने के सामने संचालित कंप्यूटर दुकान में कुछ लोगों को फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाते हुए पकड़ा था। इस दौरान बड़ी संख्या में नकली वोटर आईडी कार्ड भी बरामद किए गए थे। पुलिस रिकार्ड में इस बात का जिक्र है कि कंप्यूटर दुकान संचालक ने अपने बयान में यह बताया है कि फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनवान के लिए मुखिया प्रत्याशी रमावती देवी के पति लक्ष्मण यादव और उनके देवर ने कहा था। एक तरफ कंप्यूटर दुकान में नकली वोटर आईडी बनाए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उसी कार्ड को लेकर बूथों पर वोटिंग की जा रही थी।

पुलिस ने इन नामों के नकली वोटर आईडी किए जब्त 

मामले में गोपालगंज नगर थानाध्यक्ष ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उक्त कंप्यूटर दुकान से ज्योतिकेश उर्फ सेठू पता हरबसा को पकड़ा गया, जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 18 वोटर आईडी कार्ड बरामद किया गया। पुलिस के रिकार्ड में यह कार्ड 1.रिंकू कुमारी पिता जलेश्वर यादव, 2. दीपक कुमार पिता शुभ नारायण शर्मा, 3. मंजूर आलम पिता अमरुद्दीन साई, 4. अनुराधा देवी पति राजेश कुमार बैठा, 5. रजिया खातून पति नूर हसन साह, 6. रहीम खातून पति मैनुदीन सिद्दिकी, 7. नुरसबिना खातून पति अमिल हुसैन, 8. सुजीत कुमार रजक पिता सुरेश बैठा, 9. सहाबुन खातून पति उस्मान अंसारी, 10. नयन कुमार बैठा पिता अच्छेलाल बैठा, 11. सूरज कुमार बैठा पिता रामश्रय बैठा, 12. रानी कुमारी पिता महेश पासी, 13. जीतेंद्र कुमार पिता महेश पासी, 14. मेराज सिद्दिकी पिता मैनुदीन सिद्दिकी, 15. असगर अली अंसारी पिता अख्तार अंसारी, 16. आलोक कुमार यादव पिता रामाधार यादव, 17. अनोज कुमार मांझी पिता रविन्द्र मांझी, 18. सुनील कुमार शर्मा के नाम शामिल हैं। यह छोटका सांखे के रहनेवाले थे।

इस दौरान पुलिस ने बताया कि ज्योतिकेश के साथ हरिशंकर यादव व बुलेट कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों ने पूछताछ में बताया कि वह दिनेश यादव के दोस्त हैं और उसके कहने पर ही यहां आए थे। उन्होंने बताया कि मुखिया प्रत्याशी रमावती देवी के पति के कहने पर ही फर्जी वोटर आईडी कार्ड तैयार किये गए थे। इन सबके बाद भी अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

पंचायत में बनाए गए थे 13 बूथ

पंचायत प्रत्याशी रेणु देवी ने बताया कि उचकागांव प्रखंड में छोटका सांखे का निर्वाचन क्षेत्र संख्या 03 है। यहां पंचायत चुनाव के लिए 13 बूथ बनाए गए थे। रेणु देवी का आरोप है कि इनमें बूथ संख्या 31,34,35,37,38 व 39 में फर्जी वोटर कार्ड व मतदाताओं के सहारे वोट डाले गए। उन्होंने उन वोटरों के नाम भी जारी किए हैं, जिनके नाम पर फर्जी वोट डाले गए। इनमें रमावती देवी के देवर दिनेश यादव का नाम दो बूथों पर होने की बात भी सामने आई है।

बिहार निर्वाचन आयोग से की शिकायत

मामले को लेकर जिस तरह के फर्जीवाड़ा सामने आया है, उसके बाद यहां के ग्रामीणों में आक्रोश है। वहीं मुखिया प्रत्याशी रेणु देवी ने ग्रामीणों के हस्ताक्षरवाला एक पत्र बिहार निर्वाचन आयोग को सौंपा है, जिसमें पंचायत में पुलिस कार्रवाई और वोटर आईडी कार्ड में फर्जीवाड़ा का हवाला देते हुए पंचायत चुनाव को रद्द करने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अगर मामले में निर्वाचन आयोग कोई कार्र्वाई नहीं करता है तो जिला मुख्यालय स्तर पर घेराव किया जाएगा।

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