तेजस्वी ने कश्मीर में आतंकियों के हाथों मारे गए बिहारी मजदूरों की मौत का ठिकरा राज्य सरकार पर फोड़ा, बोले - मृतकों के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा

तेजस्वी ने कश्मीर में आतंकियों के हाथों मारे गए बिहारी मजदूरों की मौत का ठिकरा राज्य सरकार पर फोड़ा, बोले - मृतकों के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा

PATNA : कश्मीर में मजदूरी करने गए दो बिहारियों की हत्या को लेकर सियासत गरमा गई है। मामले में नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरी घटना का ठिकरा नीतीश कुमार की सरकार पर फोड़ा है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि 16 साल में 16 साल से किए जा रहे 'सुशासन' के दावे  के अनुरूप सचमुच रोजगार सृजन पर गम्भीरता से कुछ भी किया होता तो इनकी भाँति करोड़ों बिहारवासियों को हरवर्ष पलायन के लिए विवश नहीं होना पड़ता। आप ही की सरकार की नाकामी के कारण ये सभी आतंकवाद की भेंट चढ़े युवक अपने घर से दूर एक आतंकवाद प्रभावित दूसरे राज्य में रोजगार की तलाश में पलायन करने को विवश हुए। इस दौरान तेजस्वी ने मारे गए दोनों मजदूरों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की।

जम्मु कश्मीर में दो बिहारियों की हत्या को लेकर बिहार सरकार को पत्र के जरिए अपनी नाराजगी दिखाते हुए तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है किइन सभी बिहारवासियों की नृशंस हत्या के दोषी आप और आपकी निकम्मी सरकार है।  अपनी सरकार की नाकामी को छुपाने के लिए आप बड़ी बनावटी मासूमियत से प्रवासी मजदूर शब्द पर आपत्ति जताते हैं पर पलायन के ज़हर को गरीब बिहारवासियों के जीवन से मिटाने का कोई ईमानदार प्रयास नहीं करते। उन्होंने लिखा कि  बिहार के दो श्रमिकों को जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा मौत के घाट उतार दिया गया। कल भी एक श्रमिक की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। इससे पहले एक और बिहारी मूल के श्रमिक की हत्या की जा चुकी है जिसकी मृत्यु की जानकारी भी आपको दो दिन बाद एक पत्रकार के इस विषय पर सवाल के द्वारा ही हुआ था। 

धारा 370 हटाने का समर्थन करने पर किए सवाल

ऊपर से आपकी सरकार ने तो खूब दावा किया था कि धारा 370 हटने से आतंकवाद का घाटी से अंत हो जाएगा। खूब उछल कूद कर आपकी पार्टी ने बिना सोचे समझे लिए गए इस कदम का देश के लिए ऐतिहासिक दिन बताकर समर्थन किया था। जब सब कुछ इतना सामान्य हो चुका था तो क्यों आपकी सरकार में बैठे लोग दबी जुबान जम्मू कश्मीर जाकर रोजगार तलाशने के लिए श्रमिकों की ही आलोचना कर रहे हैं? सम्भव है कि आपकी सरकार के द्वारा ज़मीनी हकीकत से दूर किए गए दावों के प्रभाव में ही इन श्रमिकों ने जम्मू कश्मीर जाने का मन बनाया हो। 

सरकारी नौकरी और एक करोड़ मुआवजा देने की मांग

इन राक्षसी हत्याओं के लिए परिस्थिति उत्पन्न करने और श्रमिकों को रोजीरोटी के लिए घर से दूर बसने के लिए आपकी सरकार को पीड़ित परिवारों से ना सिर्फ़ हाथ जोड़कर माफ़ी माँगना चाहिए, बल्कि सभी परिवारों के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी और 1 करोड़ मुआवजे की घोषणा कर के अपने पापों को धोने का प्रयास करना चाहिए। आतंकियों द्वारा मारे गए इन निर्दोष बिहारियों की मौत के ज़िम्मेवार आप और आपकी डबल इंजन सह ट्रबलधारी सरकार है।

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