सीएचसी में लामा मरीज के नाम पर चल रहा पैसों का बड़ा गोरखधंधा, जानें क्या होता है लामा, जिसका फायदा उठा रहे हैं अस्पताल के दलाल

सीएचसी में लामा मरीज के नाम पर चल रहा पैसों का बड़ा गोरखधंधा, जानें क्या होता है लामा, जिसका फायदा उठा रहे हैं अस्पताल के दलाल

MOTIHARI : मोतिहारी के सीएचसी में प्रशव करने आये मरीजों में लामा का खेल चलने की चर्चा आमलोगों से लेकर स्वास्थ्य महकमा में भी चर्चा का विषय बना हुआ है ।अस्पताल सूत्रों की माने तो प्रतिदिन प्रशव करने आये दो तीन मरीज लामा हो रहे है ।आमलोगों की माने तो सीएचसी में दलालों के खूब चल रहा है ।जो अस्पताल प्रशव करने आए मरीजों को अस्पताल आते ही बहल्ला फुसलाकर प्राइवेट क्लिनिक में लेकर चले जाते है ।सूत्रों की माने तो कमीशन के खेल में सीएचसी से मरीज  लामा होने अस्पताल कर्मी के शामिल होने से इंकार नही किया जा सकता। 

मामला सुगौली सीएचसी का बताया जा रहा है ।  सुगौली सीएचसी के स्वाथ्य महकमा के वटशॉप ग्रुप पर मरीज लामा होने के एक चैटिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमे स्वस्थ्य महकमा में हड़कंप मचा हुआ है। सुगौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर  सुविधा होने के बावजूद लगातार मरीज लामा होने लगे हैं. जो चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों कि माने तो परिजन झांसे में आकर अस्पताल में ले जाने के बाद मरीजो को लेकर प्राइवेट अस्पताल में ले जाते हैं, जहां उनसे मोटी रकम वसूली जाती है. मरीजों को कागजों पर लामा यानि बगैर सूचना दिए मरीज का हॉस्पिटल से चला जाना दर्शा दिया जाता है लेकिन हकीकत में मरीज को मौखिक तौर पर  दलाल व अस्पताल कर्मी द्वारा प्राइवेट में जाने के लिए मजबूर किया जाता है।

 हॉस्पिटल सूत्र बताते हैं कि रेफर मरीज को सदर अस्पताल मोतिहारी ले जाना होता है लेकिन जैसे ही मरीज बाहर गेट तक पहुंचता है, प्राइवेट हॉस्पिटल की गाड़ी आती है और महिला मरीज को लेकर चली जाती है. इसमें हॉस्पिटल के  कर्मचारीयो के साथ साथ प्राइवेट क्लिनिक के दलाल के मिले होने से भी इंकार नही किया जा सकता हैं, जिन्हें प्रति मरीज के हिसाब से प्राइवेट हॉस्पिटल से कमीशन मिलता है. हैरानी की बात तो ये है कि एक तरफ तो सीएचसी के डॉक्टर इलाज करने की योजना बनाते रहे।

  हालांकि निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान मौत की खबर भी लगातार मिलती रही है. बावजूद यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कई माह पूर्व अवैध नर्सिंग होम पर रोक लगाने के लिए जांच के बाद नोटिस जारी किया था. परन्तु अबतक कार्यवाई नही होने से हौसले बुलंद हैं. इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शुभम कुमार ने बताया कि प्रसव  में विलंब होने के कारण प्रसूता महिलाओं के परिजन बिना सूचना के ही मरीज चले जाते हैं.हलाकि अस्पताल में दलाल के घूमने व अस्पताल कर्मी की मिलीभगत से इंकार किया गया।वही प्रशव के आने वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी ।

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