अंतिम दो महीने में नीट-2022 परीक्षा की ऐसे करें तैयारी, बता रहे हैं गोल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर बिपीन सिंह

अंतिम दो महीने में नीट-2022 परीक्षा की ऐसे करें तैयारी, बता रहे हैं गोल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर बिपीन सिंह

पटना. नीट-2022 की परीक्षा जुलाई में होने वाली है। परीक्षा की तिथी करीब आने के साथ छात्रों में अपनी तैयारी को लेकर घबराहट बढ़ता जा रहा है। उन्हें यह समझना मुश्किल हो रहा है कि अब अंतिम समय में तैयारी को अंतिम रूप कैसे दें। छात्रों के इस उलझी हुई कड़ी को सुलझाने के लिए हमने बात कि पिछले 25 वर्षों से छात्रों को दिशा निर्देश दे रहे गोल इन्सटीट्यूट के फाउण्डर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर बिपीन सिंह से। पेश है बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण अंश...

छात्रों के लिए पढ़ाई के दौरान टाइम मैनेजमेंट आवश्यक

अंतिम के समय में छात्रों को यह नहीं पता चलता कि किस समय कौन सा विषय पढ़ें। कभी कभी छात्र एक ही विषय की पढ़ाई पूरे दिन करते रहते हैं। ऐसे में समय प्रबंधन सही से नहीं हो पाने के वजह से छात्र सभी विषयों में सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाते। अभी के समय में छात्रों के पास एक लिखित प्लान होना चाहिए, जिसमें फिजिक्स, केमीस्ट्री और बॉयोलॉजी तीनों विषयों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित हो। प्रत्येक दिन तीनों विषय पढ़ना आवश्यक है।

बायोलॉजी के रीविजन पर सबसे ज्यादा समय दें छात्र

नीट में 50% प्रश्न बायोलॉजी से आते हैं और इसके ज्यादातर प्रश्न मेमोरी बेस्ड होते हैं एवं एनसीईआरटी से पूछे जाते हैं। इसलिए अंतिम के समय में बायोलॉजी पर ज्यादातर समय देते हुए एनसीईआरटी को रिवाइज करें एवं एनसीईआरटी बेस्ड प्रश्नों से अभ्यास करें। कुछ महत्वपूर्ण याद रखने योग्य प्वाइंट्स को नोटबुक में नोट कर उसका नियमित रीविजन करें।

केमीस्ट्री में ऑरगेनिक एवं इनऑरगेनिक पार्ट पर ज्यादा समय दें

पिछले कुछ वर्षों से नीट में फिजिकल, ऑरगेनिक एवं इनऑरगेनिक तीनों पार्ट से लगभग बराबर प्रश्न पूछे जा रहे हैं। ऐसे में छात्रों के लिए यह ज्यादा जरूरी है कि इनऑरगेनिक एवं ऑरगेनिक के पार्ट का रिविजन ज्यादा करें ताकि मेमोरी बेस्ड पार्ट से संबंधित प्रश्नों में गलती होने की संभावना कम हो। ऑरगेनिक एवं इनऑरगेनिक के लिए छात्रों में एनसीईआरटी से ही रीविजन करना चाहिए क्योंकि ज्यादातर प्रश्न इसी पुस्तक से पूछा जाता है। छात्र अपने शिक्षक द्वारा लिखवाए गए नोट्स का भी उपयोग कर सकते हैं। फिजिकल केमेस्ट्री में छात्रों को फॉरमूला का रीविजन एवं पहले बनाए गए प्रश्नों में से डाउट्स प्रश्नों को दुबारा प्रैक्टिस आवश्यक होगा।

फिजिक्स में फॉरमूला रिविजन एवं प्रश्नों का अभ्यास आवश्यक 

अंतिम के समय में फिजिक्स के महत्वपूर्ण फॉरमूला को रीविजन के साथ-साथ महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास आवश्यक है। नीट के पुराने रिकार्ड के अनुसार मॉडर्न, करेंट, मैगनेट, लाइट, हीट एवं थर्मोडायनेमिक्स जैसे चैप्टर्स से सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इन चैप्टर्स पर अंतिम समय में अवश्य ध्यान रखें।

नीट एवं एआईपीएमटी में पिछले 10 वर्षों में पूछे गए प्रश्नों से करें अभ्यास

अपने स्पीड एवं एक्युरेसी को बढ़ाने के लिए और साथ ही पिछले वर्षों के कॉम्पीटीशन में पूछे गए प्रश्नों का कॉन्सेप्ट सिखने के लिए प्रत्येक दिन समय निर्धारित कर नीट में पूछे गए 1 पेपर को सॉल्व करें। साथ में जो प्रश्नों को बनाने में कठीनाई हो उसे डिस्कशन के मदद से या शिक्षक से मदद लेकर सॉल्व करें एवं महत्वपूर्ण बिंदूओं का नोट्स तैयार करें।

किसी रिजल्ट ऑरिएण्टेड इन्स्टीट्यूट की निगरानी में टेस्ट के माध्यम से अपनी तैयारी की जांच करें

अपने किए गए तैयारी का Assessment बहुत आवश्यक है ताकि उसके द्वारा समय रहते अपने कमियों को जान कर उसे कम करने की कोशिश करें। इसलिए जो इन्स्टीट्यूट कई वर्षों के एक्सपीरीयंस के साथ नीट के पैटर्न से बिल्कुल मिलता-जुलता टेस्ट लेता हो, वहां टेस्ट के माध्यम से खुद को इम्प्रूव करने को कोशिश करें।

आत्मविश्वास एवं धैर्य के साथ प्रगति पथ पर आगे बढ़ें

जिस तरह हमारे शरीर को खाने से ऊर्जा मिलता है, उसी तरह हमारे मस्तिष्क को अच्छे विचारों से उर्जा मिलता है। इसलिए अपनी सोच को हमेशा पॉजिटिव बनाए रखें। आत्मविश्वास के साथ अपने बनाए गए प्लान पर अमल करें एवं साथ ही अच्छा रिजल्ट लाने के लिए धैर्य रखें। अपने दिमाग को शांत रखने के लिए योगाभ्यास करें, संतुलित आहार लें एवं अच्छे लोगों के संपर्क में रहें। आत्मविश्वास एवं धैर्य के साथ किए गए सतत प्रयास से सफलता अवश्य मिलेगी। हमारी शुभकामानाएं आप सभी छात्रों के साथ है।

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