इस गांव में पुलिस नहीं खुद गांववाले ही करते हैं रात्रि में गश्ती, नहीं होता कोई अपराध, जानिए आखिर क्या है वजह

इस गांव में पुलिस नहीं खुद गांववाले ही करते हैं रात्रि में गश्ती, नहीं होता कोई अपराध, जानिए आखिर क्या है वजह

BHAGALPUR : - बिहार के भागलपुर में एक मुहल्ला ऐसे भी है. जहां पुलिस नहीं बल्कि खुद गांव वाले ही रात में गश्ती करते हैं. आप जब भी इस गांव में जाएंगे तो रात में हाथों में डंडा, विसिल व टॉर्च लिए लोग नजर आएंगे लेकिन वो कोई पुलिस का जवान या होमगार्ड जवान नहीं, बल्कि गांव के ही युवा व बुजुर्ग हैं. वह अपने गांव में अमन चैन व शांति लाने के लिए रात्रि पहरेदारी कर रहे हैं. एक समय था जब गांव के लोग बदमाशों से डरते थे लेकिन अब बदमाश ही इन मोहल्ले वालों से डरते हैं. 

दिन में भी लोग डरते थे इस गांव में निकलने से

मामला बिहार के भागलपुर जिला के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 39-40 शाहबाजनगर का है. मुजाहिदपुर के शहबाजनगर मोहल्ले की हालत इस कदर खराब हो गई थी कि लोग उस मोहल्ले से गुजरना भी महफूज नहीं समझते थे. यहां के युवा बिगड़ रहे थे, चरस, अफीम, ब्राउन शुगर की बिक्री धड़ल्ले से होने लगी थी. जिस वजह से यहां राहगीरों के साथ छिनछोर मारपीट आम बात हो गई थी. असामाजिक तत्वों के द्वारा खुलेआम अपराध को अंजाम दिया जाता था. लोग काफी भयभीत रहते थे, रात के अंधेरे के साए से तो लोगों को डर लगता ही था लोग दिन में भी घरों से निकलना ठीक नहीं समझते थे. बहन बेटियों का स्कूल कॉलेज जाना दुश्वार हो गया था.

कैसे हुई पहरेदारी की शुरुआत

बताया जाता है कि एक बार अपराधियों ने गांव के ही एक युवक का मोबाइल पैसा उसका सारा सामान छीन लिया. जिसके बाद उसने हर घर जाकर फरियाद लगाई कि मुझे मेरा सामान दिला दीजिए. उस युवक को सामान तो वापस नहीं मिला लेकिन गांव के लोगों ने उसी दिन कसम खाई कि इस गांव को अपराध मुक्त व नशा मुक्त बनाना है. तभी से उस गांव के लोग रात्रि के 10 से 4 सुबह तक पहरेदारी करते हैं. हर घर से लोग इस पहरेदारी में सम्मिलित होते हैं.

अब बदमाश ही डरते हैं मोहल्ले वालों से

अब मुजाहिदपुर के शहवाजनगर के लोग अमन चैन से रह रहे हैं. लोग दिनभर अपना व्यवसाय करते हैं रात में अपने समाज की रक्षा के लिए पहरेदारी करते हैं. अब वहां के लोग बदमाशों से नहीं डरते. अब बदमाश यहां के मोहल्ले वालों से डरते हैं. एक समय में ये इलाका भागलपुर का सबसे खतरनाक इलाका हुआ करता था. वहीं, प्रशासन की ओर से भी शहबाजनगर वालों को सहायता मिल रही है. जब भी गांव के लोग फोन करते हैं तुरंत मोजाहिदपुर थाना इस पर संज्ञान लेती है गश्ती गाड़ी आ जाती है.

ये गांव अब है अपराध व नशा मुक्त

मुजाहिदपुर के शाहबाजनगर मोहल्ले के लोगों का एक ही सपना है कि जिस तरह हम लोगों ने अपने गांव को अपराध व नशा से मुक्ति दिलाए हैं. उसी तरह हर गांव के युवाओं को ऐसा कार्य करना चाहिए. जिससे अपने गांव समाज जिला राज्य व देश में अमन चैन बहाल हो सकें.

50 से 60 लोग रोज करते हैं पहरेदारी

आपको बता दें कि, अपराध को जड़ से मिटाने के लिए पंचायत भवन में एक बैठक रखी गई. दर्जनों लोगों को एकजुट किया गया, उसके बाद रात्रि पहरेदारी शुरू हुई. गांव के तकरीबन 50 से 60 लोग जिसमें हर घर से लगभग एक व्यक्ति रहते हैं. वह हाथ में डंडा, विसिल, टॉर्च लेकर गांव के हर गली मोहल्ले घूमते नजर आते हैं. ये लोग 3 गुटों में बटकर रात्रि गश्ती करते हैं. रात्रि गश्ती 10 बजे रात से 4 बजे सुबह तक की जाती.

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