भारतीय वायु सेना प्रमुख का संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर बड़ा ऐलान, छोटी अवधि के युद्धों के लिए देश रहे तैयार

भारतीय वायु सेना प्रमुख का संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर बड़ा ऐलान, छोटी अवधि के युद्धों के लिए देश रहे तैयार

DESK. वायु सेना प्रमुख वीआर चौधरी ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में भारतीय वायु सेना को कम समय में तीव्र और छोटी अवधि के संचालन के लिए तैयार रहना पड़ता है। एयर  चीफ मार्शल चौधरी ने एक सम्मेलन में कहा कि बल को छोटी अवधि के युद्धों और पूर्वी लद्दाख जैसे लंबे समय तक चलने वाले गतिरोध से निपटने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के हाल के अनुभव तथा भू-राजनीतिक परिदृश्य हमें हर वक्त अभियानगत और साजोसामान की दृष्टि से तैयार रहने की जरूरत पर जोर देते हैं। 

उन्होंने कहा, ‘मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में भारतीय वायु सेना को कम समय में तीव्र एवं छोटी अवधि के अभियानों के लिए तैयार रहने की आवश्यकता होती है। कम से कम समय में उच्च तीव्रता वाले अभियानों के नए तरीकों के लिए संचालनात्मक संभार तंत्र में बड़े बदलाव करने की आवश्यकता होगी।' उत्तरी सीमाओं पर भारत की सुरक्षा चुनौतियों पर एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि भारतीय वायुसेना को सभी संभावित सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार रहने की जरूरत है। 


उन्होंने कहा, ‘बल, स्थान और समय की निरंतरता में, हमें छोटी अवधि के युद्धों के लिए तैयार होने के साथ-साथ पूर्वी लद्दाख में जो हम देख रहे हैं, उस तरह के लंबे समय तक चलने वाले गतिरोधों से निपटने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता भी होगी।' वायु सेना प्रमुख ने कहा कि ऐसे अभियानों के लिए ‘संसाधनों को जोड़ना' और उनके परिवहन को मुमकीन बनाने की आवश्यकता होगी।  उन्होंने कहा कि देश की ‘आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण घटकों के स्वदेशीकरण के लिए एक केंद्रित कार्य योजना विकसित करने की भी जरूरत है।


Find Us on Facebook

Trending News