इंजीनियर आशुतोष पाठक हत्याकांड में बिहपुर के थानेदार रंजीत मंडल बर्खास्त

इंजीनियर आशुतोष पाठक हत्याकांड में बिहपुर के थानेदार रंजीत मंडल बर्खास्त

भागलपुर। इंजीनियर आशुतोष पाठक हत्याकांड के फरार मुख्य अभियुक्त बिहपुर के तत्कालीन थानेदार एसआइ रंजीत कुमार मंडल को नवगछिया एसपी की अनुशंसा पर डीआइजी ने बर्खास्त कर दिया है. तीन सप्ताह पूर्व ही नवगछिया एसपी की अनुशंसा किये जाने पर डीआइजी ने कार्रवाई के आलोक में कई बिंदुओं पर नवगछिया एसपी से क्षेत्र में हुए एक मामूली से विवाद के बाद थानेदार एसआइ रंजीत मंडल ने आशुतोष पाठक को पकड़ कर थाना लाया था, जहां थानाध्यक्ष ने बेरहमी से आशुतोष की पिटाई कर दी थी. पिटाई के बाद उसे छोड़ दिया गया था. इसके बाद परिजन उसे मायागंज अस्पताल लेकर चले गये थे. आशुतोष के शरीर पर पिटाई से आये अंदरुनी और बाहरी चोटों की वजह 25 अक्तूबर को उसकी मौत हो गयी थी. 

इस मामले में आशुतोष के परिजनों की लिखित शिकायत पर बिहपुर के थाना प्रभारी से जवाब मांगा था. जवाब प्राप्त कर उसकी समीक्षा किये जाने के बाद बर्खास्तगी को लेकर वे लोग आश्वस्त हुए. इसके बाद डीआइजी ने मामले में बर्खास्तगी का आदेश निकाला। थानाध्यक्ष एसआइ रंजीत कुमार मंडल सहित उनके अन्य सहयोगियों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कराया था. इनमें से कुछ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. वहीं थाना का चालक सहित हत्याकांड के मुख्य आरोपित बिहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष एसआइ रंजीत कुमार मंडल फरार है. 

कोर्ट ने जांच के लिए न्यायिक पदाधिकारी किया नियुक्त


मामले में हत्या का केस दर्ज किये जाने के बाद डीआइजी सुजीत कुमार ने खुद घटनास्थल पर पहुंच जांच की थी. दूसरा घटनास्थल बिहपुर थाना पहुंच उन्होंने वहां मौजूद सीसीटीवी के फुटेज सहित थाना में दीवारों पर लगे खून के निशान व लाठियों की जांच की थी. उन्होंने मामले में वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एफएसएल से दोनों घटनास्थल की जांच करा सैंपल कलेक्ट कराने का निर्देश दिया था. एफएसएल टीम ने दोनों ही घटनास्थल से कई सैंपल कलेक्ट किये. इधर, सीसीटीवी फुटेज में भी बिहपुर थाना में घटना होने की पुष्टि हुई. डीआइजी के आदेश पर तत्कालीन थानेदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर अनुशासनिक जांच का आदेश दिया. इधर, मामले में प्रशासनिक जांच के लिए भी प्रमंडलीय आयुक्त और मामले की न्यायिक जांच के लिए कोर्ट को न्यायिक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने की अर्जी दी. कोर्ट ने अर्जी स्वीकार कर न्यायिक पदाधिकारी को भी जांच करने के लिए प्रतिनियुक्त कर दिया. इसके बाद मामले में तीन जांच एक साथ चलने लगी. 

थानेदार की गिरफ्तारी की चल रही है तैयारी

इनमें पुलिसिया जांच, प्रशासनिक जांच व न्यायिक जांच शामिल है. इसके बाद मामले में नवगछिया एसपी ने थानेदार एसआइ रंजीत कुमार मंडल की गिरफ्तारी का आदेश जारी किया. घटना के डेढ़ माह बीतने के बाद भी जब मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी, तो पुलिस ने फरार आरोपित के विरुद्ध कोर्ट में वारंट की अर्जी दी. इधर, नवगछिया एसपी ने तत्काल थानाध्यक्ष हत्यारोपित एसआइ रंजीत कुमार मंडल की बर्खास्तगी के लिए डीआइजी को पत्र भेजा. कई दिनों तक विचार करने के बाद आखिरकार डीआइजी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष की बर्खास्तगी पर मुहर लगा दी.

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