INTERNATIONAL NEWS: इराक के पीएम के आवास पर ड्रोन अटैक, बाल-बाल बचे अल कदीमी, आधा दर्जन सिक्योरिटी स्टाफ घायल

INTERNATIONAL NEWS: इराक के पीएम के आवास पर ड्रोन अटैक, बाल-बाल बचे अल कदीमी, आधा दर्जन सिक्योरिटी स्टाफ घायल

N4N DESK: रविवार की सुबह इराक के लिए खुशगवार नहीं रही। आज यहां ताकतवर ड्रोन अटैक हुआ, जिसका निशाना देश के प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी थे। इराक के पीएम की हत्या के इरादे से उनके आवास पर हथियारों से लैस ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि इस हमले में पीएम मुस्तफा बाल-बाल बच गए, मगर उनके आधा दर्जन सुरक्षाकर्मी घायल बताए जा रहे हैं।

समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट की माने तो कुछ अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन हमले में प्रधानमंत्री के 6 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। वहीं हमले के बाद प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी में अपने टि्वटर हैंडल से देशद्रोहियों की कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘उनकी मिसाइलें किसी को हतोत्साहित नहीं करेंगी और वे सुरक्षाबलों के दृढ़ता और दृढ़ संकल्प को हिला नहीं पाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईश्वर का शुक्र है कि मैं अपने लोगों के बीच हूं और बिल्कुल ठीक हूं’। सरकारी मीडिया की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि विस्फोटकों से लदे इस ड्रोन के जरिए प्रधानमंत्री के आवास को निशाना बनाया गया सुरक्षा बल इस संबंध में आवश्यक कदम उठा रहे हैं। हालांकि यह जानना अभी बाकी है कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। 

आपको बता दें कि पिछले महीने के संसदीय चुनाव के बाद से ही इराक में तनाव बना हुआ है और यह हमला संसदीय चुनाव के परिणाम के बाद हुआ। दरअसल बड़ी हार मिलने के बाद से ही संसदीय चुनाव के परिणाम को ईरान समर्थक शिया समूह ने खारिज कर दिया है। शिया समूह के समर्थक चुनाव परिणाम को लेकर पिछले एक महीने से ग्रीन जोन के बाहर बैठकर धरना दे रही हैं। बीते शुक्रवार को ही समूह के विरोध काफी हिंसक हो गया था।  दरअसल शिया समूह ग्रीन जोन की तरफ बढ़ना चाहते थे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक  दिया इस के बाद सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी हुई। 

इस गोलीबारी में कई दर्जन सुरक्षाकर्मी भी जख्मी हो गए और एक प्रदर्शनकारी की मृत्यु हो गई। प्रधानमंत्री अल कदीमी ने इस मामले में जांच के आदेश भी दिए हैं वहीं शिया समूह के नेता प्रदर्शनकारी की मौत को लेकर प्रधानमंत्री अल कदीमी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आपको बता दें कि अल कदीमी को पिछले साल ही मई महीने में प्रधानमंत्री का पद नियुक्त हुआ था। इससे पहले वे इराक की खुफिया एजेंसी के प्रमुख हुआ करते थे। कट्टरपंथी शिया समूह उन्हें अमेरिका का करीबी मानते हैं।

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