जब नीतीश की सभा में लगे मुर्दाबाद के नारे... फिर CM ने कहा होशियार हो जाओ कुछ लोग...

जब नीतीश की सभा में लगे मुर्दाबाद के नारे... फिर CM ने कहा होशियार हो जाओ कुछ लोग...

पटना /मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जनसभा को संबोधित कर रहे नीतीश कुमार उस वक्त भड़के उठे जब  रैली में मौजूद कुछ लोगों ने नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। जिसे सुनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नारे लगा रहे युवक से कहा कि कुछ लोग भ्रम में डालकर वोट लेना चाहते हैं लेकिन लोग होशियार रहें। कुछ लोग मेरे खिलाफ  अनाप-शनाप बयानबाजी करते हैं। से मेरा प्रचार ही होता है मेरे खिलाफ हो बोलते रहिए हमें कोई एतराज नहीं है धन्यवाद ।

बताते चलें कि मुजफ्फरपुर के कांटी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे तभी रैैली की भीड़ से कुछ लोगों ने मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया।जिसे सुनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश ने नारेबाजी कर रहे लोगों से कहा, 'क्यों मुर्दाबाद कह रहे हो, जिसको जिंदाबाद कह रहे हो उसको सुनने के लिए जाओ।उन्होंने कहा कि हम समाज को एक करने में लगे हुए हैं और वो लोग लगे हुए कि समाज को फिर बांट दो।फिर झगड़ा का माहौल पैदा कर दो।

नीतीश ने नारेबाजी करने वाले युवकों से कहा, 'आप लोगों को यहां कोई कुछ नहीं करेगा। 10 लोग हो और यहां हजारों लोग हैं। कोई तुमको कुछ नहीं करेंगे। कुछ करेंगे तो उनको लाभ मिलेगा.'वही जनता दल युनाइटेड के अध्यक्ष ने प्रदेश में आरजेडी के शासनकाल की ओर इशारा करते हुए नारेबाजी करने वालों से पूछा, 'क्या हाल था। अपने माता-पिता से जाकर पूछ लो कि शाम होने के बाद घर से बाहर निकल पाते थे।स्कूल में पढ़ाई होती थी. क्या कोई इलाज होता था, जरा जान लो। पूछ लो, घर के अंदर और पिता ठीक से नहीं बताएंगे लेकिन अपनी माता से पूछोगे तो वो सही बात बतला देंगी।नीतीश कुमार ने लालू यादव और राबड़ी देवी का नाम लिए बिना उनकी ओर इशारा करते हुए कहा, 'क्या करते थे जी. पति (लालू) अंदर (चारा घोटाला मामले में जेल) गए तो पत्नी (राबड़ी देवी) को गद्दी (मुख्यमंत्री पद) पर बिठा दिया. महिलाओं के उत्थान के लिए कोई काम हुआ. गरीब बच्चे प्राथमिक विद्यालय भी नहीं जा पाते थे।सीएम नीतीश ने उन युवकों से कहा कि कुछ लोग भ्रम में डालकर वोट लेना चाहते हैं लेकिन लोग होशियार रहें. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का काम है आपस में झगड़ा करा देना. इस तरह का काम वैसे लोग करते हैं, जिनको काम करने में रुचि नहीं है. कुछ लोग मेरे खिलाफ बोलते हैं. हम उनको धन्यवाद देते हैं. मेरे खिलाफ बोलने से मेरा प्रचार होता है. मेरे खिलाफ बोलते रहिए, इससे मुझे कोई एतराज नहीं है।

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