कोरोना टेस्ट मामले में एक और फर्जीवाड़ा, चकाई रेफरल अस्पताल के कर्मी 4000 एंटीजन टेस्ट किट लेकर हुआ फरार

कोरोना टेस्ट मामले में एक और फर्जीवाड़ा, चकाई रेफरल अस्पताल के कर्मी 4000 एंटीजन टेस्ट किट लेकर हुआ फरार

मुई। बिहार में कोरोना घोटाले का मुख्य सेंटर बने जमुई जिले में एक और गड़बड़ी सामने आई है। यहां कोरोना जांच में गड़बड़ी के बाद एंटीजेन किट के गायब होने की बात सामने आई है। मामला जमुई जिला के चकाई प्रखंड का है जहां रेफरल अस्पताल के लैब टेक्नीशियन शरद कुमार द्वारा 4000 एंटीजन किट लेकर फरार होने का मामला प्रकाश में आने के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बताया गया कि उक्त स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा बिना किसी पदाधिकारी के आदेश के जिला भंडार से 22 जनवरी को 2 हजार और 4 फरवरी को 2 हजार एंटीजन किट का उठाव किया गया, लेकिन उसे रेफरल अस्पताल चकाई के भंडारपाल को नहीं दिया गया। उठाव करने के बाद चकाई रेफरल अस्पताल को 4 हजार एंटीजन किट नहीं देने और बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने लैब टेक्नीशियन को नोटिस जारी किया है।

इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं हैं। हालांकि उन्‍होंने इसे एक बड़ी लापरवाही बताते हुए कार्रवाई की बात कही है। सदर अस्पताल परिसर में एंटीजन किट के जिला भंडारपाल राजेश कुमार ने बताया कि चकाई रेफरल अस्पताल के लिए एंटीजन किट को वहां के स्वास्थ्यकर्मी को दिया गया था।

दरअसल कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद एंटीजन किट की जानकारी स्वास्थ्य विभाग ले रहा है। भौतिक परीक्षण के दौरान यह पाया गया है कि 22 जनवरी और 4 फरवरी को लैब टेक्नीशियन ने दो-दो हजार मतलब कुल चार हजार रेफरल अस्पताल चकाई के नाम पर जिला से एंटीजन किट का उठाव किया, लेकिन वो वहां के भंडारपाल को जमा नहीं कराया इसको लेकर चकाई के प्रभारी ने लैब टेक्नीशियन को नोटिस थमाया है। बता दें कि कुछ ही दिन पहले कोरोना जांच फर्जीवाड़ा के मामले में जिले के सिविल सर्जन समेत चार अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है।

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