जदयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक आज, नीतीश कुमार देंगे ललन सिंह को बड़ी जिम्मेदारी, पटना में देशभर से जुटे JDU नेता

जदयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक आज, नीतीश कुमार देंगे ललन सिंह को बड़ी जिम्मेदारी, पटना में देशभर से जुटे JDU नेता

पटना. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 10 दिसंबर यानी शनिवार को पटना में होनी है. पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित इस बैठक को लेकर पूरे पटना में जदयू की ओर से बड़े बड़े होर्डिंग-पोस्टर लगाए गए हैं. वहीं पार्टी कार्यालय में भी जोरदार तैयारी की गई है. जदयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक कई मायनों में बेहद अहम है. इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में दोबारा चयनित राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह के नाम की घोषणा की जाएगी. साथ ही कुढ़नी उपचुनाव में मिली जदयू की हार के बाद भविष्य की रणनीति को तय करने के मकसद से भी यह बैठक बेहद अहम माना जा रहा है.  

जदयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में देश भर से नेता जुटेंगे. विभिन्न राज्यों के जदयू प्रतिनिधि पहले से पटना पहुंच चुके है. बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है उसमें महागठबंधन संग बिहार में सरकार बनाने के बाद इसके दूरगामी असर पर मंथन सबसे महत्वपूर्ण हो सकता है. साथ ही राष्ट्रीय मुद्दों पर भी इसमें चर्चा होगी. वहीं वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के पूर्व पार्टी को देश भर में मजबूत करने को लेकर ठोस रणनीति बनाने सहित गठबंधन की राजनीति में अन्य राज्यों में जदयू को विस्तार देने पर पार्टी अहम निर्णय ले सकती है. केंद्र की राजनीति में आने वाले समय में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किस प्रकार सर्व स्वीकार्य नेता के रूप में पेश किया जाए इसके लिए भी रणनीति बन सकती है. 

शनिवार शाम 3 बजे से शुरू होने वाली इस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ढाई सौ के करीब राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और आमंत्रित सदस्य भाग लेंगे इसमें सबसे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के चयन पर मुहर लगेगी. वहीं जदयू को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा कैसे मिले इसे लेकर संगठन को मजबूत करने पर अहम चर्चा होगी. अगले साल होने वाले कर्नाटक और नागालैंड चुनाव को लेकर जिम्मेवारी तय की जाएगी. वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में कैसे जदयू को देश भर में मजबूती के साथ उतारा जाए इसे लेकर रणनीति तैयार होगी. 


पार्टी की एक बड़ी चिंता कुढ़नी में मिली जदयू को हार की भी है. कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद से कई जदयू नेताओं ने दबी जुबान में कई प्रकार की बयानबाजी की है. यहां तक कि जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने यहां तक कहा कि पार्टी को जनता के मन के हिसाब से चलना चाहिए. उनका इशारा किस ‘मन’ के हिसाब की ओर था यह भी बड़े संस्पेस की भांति है. इसलिए पार्टी कुढ़नी के बहाने अपने नेताओं का मन भी टटोलेगी कि आखिर महागठबंधन के सात दलों का साथ मिलने के बाद भी कैसे जदयू कुढ़नी में हार गई. 

वहीं 11 दिसंबर को पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में जदयू का खुला अधिवेशन होगा. इसमें पार्टी के नेता आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे. खुला अधिवेशन को लेकर पार्टी ने पूरी तैयारी की है. नीतीश कुमार और ललन सिंह सहित पार्टी के तमाम बड़े नेता इसमें अपना मंतव्य साझा करेंगे. विशेषकर राष्ट्रीय स्तर पर जदयू को महत्वपूर्ण पहचान दिलाने को लेकर चर्चा होगी. 


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