जिस युवती को मृत समझकर परिजनों ने कर दिया दाह संस्कार, डेढ़ महीने बाद अचानक पहुंची थाने, चौंक गए पुलिसकर्मी

जिस युवती को मृत समझकर परिजनों ने कर दिया दाह संस्कार, डेढ़ महीने बाद अचानक पहुंची थाने, चौंक गए पुलिसकर्मी

PATNA : जिले के एक थाने में उस वक्त कुछ देर के लिए अफरा तफरी मच गया. जब पुलिस वालों ने कुछ माह पूर्व एक युवती की हत्या के बाद शव को उनके परिजनों को सौंप दिया था और परिजनों ने भी लड़की की दाह संस्कार विधिवत करके दशकर्म भी कर दिया। लेकिन लगभग डेढ़ महीने के बाद अचानक वह लड़की गुरुवार को थाने पहुंचकर सबों को चौका दिया। जिस कुसुम को परिजनों ने हत्या के बाद शव को बरामद करके उसका दाह संस्कार एक महीने पहले कर दिया था। आज वह कुसुम साक्षात थाने में उपस्थित हो गई। कुसुम ने अपनी हत्या की खबर को झूठा करार देते हुए खुद को अपने प्रेमी के साथ चेन्नई में रहने की बात बताया है। मामला गौरीचक थाने की है। 

बताते चलें कि लगभग डेढ़ माह पूर्व गौरीचक थाना की पुलिस ने अंधारी गांव के नजदीक एक गड्ढे से एक युवती का अर्धनग्न अवस्था में शव बरामद किया था। आशंका जताई जा रही थी कि अपराधियों द्वारा दुष्कर्म के बाद लड़की को गला काट कर हत्या कर दी गई है। लड़की के चेहरे को पूरी तरह कुचल दिया गया था। जिससे उसे पहचान पाने में काफी परेशानी हो रही थी। मृतका की उम्र लगभग 16 से 17 वर्ष के आसपास बताई गई थी। उस वक्त गौरीचक थाना प्रभारी लाल मुनी दुबे ने इससे ऑनर किलिंग का मामला बताया था। सब को देखने के बाद अंधारी गांव की सुरतिया देवी ने कुसुम को अपनी बेटी बताते हुए पोस्टमार्टम के बाद उसका दाह संस्कार कर दिया और फिर ब्रह्मभोज भी गांव में संपन्न करा दी। 

शिव मतिया देवी ने उस वक्त यह बताया था कि उसकी बेटी की हत्या गांव के ही कुछ युवकों ने मिलकर गला काटकर कर दिया था। शिव रतिया देवी के परिवार के लोग पूरी तरह आश्वस्त थे कि उनकी बेटी कुसुम कुमारी की हत्या हो चुकी है। इस बीच गुरुवार की सुबह अचानक कुसुम कुमारी गौरीचक थाने में उपस्थित होकर खुद को जीवित होने की बात बताने लगी। कुसुम कुमारी को देखते ही गौरीचक थाना के पुलिस के हाथ पैर फूलने लगे। आनन-फानन में थाना प्रभारी ने कुसुम की मां शिव रतिया देवी को थाने पर उपस्थित होने के लिए फोन किया। शिव रतिया देवी थाना पर उपस्थित होकर अपनी बेटी को साक्षात जिंदा देखकर कुछ देर के लिए बहुत ही चक्कर खा गए। कुसुम ने बातचीत के क्रम में बताया कि वह एक लड़के से प्यार करती है और वह उसी के साथ कुछ महीने के लिए चेन्नई चली गई थी। कुसुम ने बताया कि उनकी मरने की खबर गलत और भ्रामक थी। 

गौरीचक थाना प्रभारी लाल मुनी दुबे ने बताया कि कुछ माह पूर्व कुसुम की हत्या का मामला प्रकाश में आया था। लेकिन आज अचानक वह थाना में उपस्थित हुई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल कुसुम कुमारी गर्भवती है और शुक्रवार को उसका मेडिकल और 164 का बयान न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा। बहरहाल अगर कुसुम कुमारी इतना दिनों तक जीवित थी तो फिर वह लड़की कौन थी जिसे पुलिस वालों ने कुसुम समझ कर उनके परिजनों को दाह संस्कार के लिए सौंप दिया था। कुसुम लगभग 5 महीने तक चेन्नई में रही तो पुलिस ने इस मामले में छानबीन के लिए कहां तक और कितना प्रयास किया। यह पटना पुलिस के लिए सवालिया निशान बनता जा रहा है। अब पुलिस के सामने यह चुनौती घर कर गई है कि उस लड़की को पता लगाने का प्रयास किया जाए जिस के शव को 5 महीना पहले शिव रतिया देवी के परिजनों ने दाह संस्कार कर दिया था ।

पटना से सुमित की रिपोर्ट 

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