शराब से हो रही मौतों पर जीतन राम मांझी भाजपा से मिलाए सुर, कहा - मृतकों के परिवार को मिले मुआवजा

शराब से हो रही मौतों पर जीतन राम मांझी भाजपा से मिलाए सुर, कहा - मृतकों के परिवार को मिले मुआवजा

PATNA : बिहार में शराब से हुई 53 मौतों को लेकर राजनीति गरमा हुई है। भाजपा लगातार नीतीश सरकार पर हमले कर रही है। ऐसे में लगातार शराबबंदी को वापस लेने की मांग करनेवाले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी मौतों को लेकर बड़ी बात कह दी है। मांझी ने मौतों को लेकर मृतकों के परिवार को मुआवजा देने के बीजेपी की मांग का समर्थन किया है और कहा कि सरकार को इस पर कार्रवाई करने की जरुरत है

बीती रात राज्यपाल फागू चौहान से मिलने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छपरा में हुई विषैले शराब से हुई मौत की घटना बेहद ही दुखदायी है। मैं पहले से ही इस बात को कहता रहा हूं कि नीतीश सरकार की शराबबंदी की नीति सही थी, लेकिन उसका सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। छपरा में हुआ हादसा इसका ही परिणाम है। मांझी ने कहा कि शराबबंदी कानून लागू कराने में नीचले स्तर पर सही तरीके से काम नहीं किया जा रहा है। कुछ लोग पैसों के चक्कर में शराब के धंधे को बढ़ा रहे हैं।  जिस पर सख्ती से कार्रवाई करने की जरुरत है। 


बीजेपी की मांग का समर्थन

इस  दौरान जीतन राम मांझी ने छपरा कांड में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा दिए जाने की बीजेपी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि इन परिवारों ने अपनों को खोया है। कई के घरों में कमानेवाला चला गया है। ऐसे में सरकार को इन परिवारों के गुजर बसर के लिए मुआवजा देने पर विचार करने की जरुरत है

70 हजार गरीब परिवार के लिए करे व्यवस्था 

हम के संरक्षक जीतन राम मांझी ने कहा कि आज शराबबंदी कानून का सबसे अधिक नुकसान गरीब परिवारों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जेलों में 70 हजार गरीब परिवार के लोग बंद है। जबकि अमीरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। मेरी मांग है कि उन 70 हजार परिवारों के रिहाई के लिए नीतीश सरकार अलग से स्पेशल व्यवस्था करे।

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