संपत्ति के लालच में कलयुगी बेटे ने की थी मां-बाप की हत्या, अब कोर्ट ने दुर्लभतम अपराध मानते हुए सुनाई फांसी की सजा

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DESK: संपत्ति की लालच में बुजुर्ग माता-पिता की हत्या करने को कोर्ट ने दुर्लभतम अपराध माना है। साथ ही इस मामले में कोर्ट ने आरोपी बेटे को फांसी की सजा सुनाई है। दरअसल, यह घटना 13 अक्टूबर 2020 की बताई जा रही है। बेटे ने संपत्ति के लालच में घटना को अंजाम दिया था। आरोपी बेटे ने बुजुर्ग मां-बाप की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामला यूपी के बरेली का है। 

जानकारी अनुसार आरोपी बेटे दुर्वेश गंगवार को न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 125 पेज के आदेश में हत्याकांड को दुर्लभतम अपराध की श्रेणी में मानते हुए दोषी को फांसी के फंदे पर मृत्यु होने तक लटकाने के सख्त आदेश दिये हैं।

मालूम हो कि, 13 अक्टूबर 2020 की तड़के साढ़े चार बजे सेवानिवृत्त शिक्षक पिता लालता प्रसाद (76) और मां मोहनदेई (75) की गोली मारकर भाई दुर्वेश गंगवार ने हत्या कर दी। पुलिस ने 9 नवंबर 2020 को मीरगंज के पास से उसे गिरफ्तार किया था। हत्यारोपी दुर्वेश की निशानदेई पर पुलिस ने आलाकत्ल तमंचा और उसके रक्त रंजित कपड़े बरामद किये थे। विवेचना के बाद पुलिस ने हत्यारोपी पुत्र दुर्वेश गंगवार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

बताया जाता है कि रिटायर्ड शिक्षक लालता प्रसाद की लगभग 80 बीघा जमीन थी। लालता प्रसाद पत्नी के साथ छोटे पुत्र के साथ रहते थे। पुलिस ने बताया उन्होंने अपनी पेंशन की राशि व अपने हिस्से की जमीन छोटे बेटे को दे रखी थी। जिससे बड़ा पुत्र दुर्वेश रंजिश मानता था। घटना जिस मकान में हुई उससे सटे पुराने मकान को पिता ने दुर्वेश को दे रखा था।