कोरोना घोटाला: गर्भवती महिलाओं को फर्जी तरीके से कोरोना पॉजिटिव बताने के मामले में अब तक नहीं हुई कार्रवाई

कोरोना घोटाला: गर्भवती महिलाओं को फर्जी तरीके से कोरोना पॉजिटिव बताने के मामले में अब तक नहीं हुई कार्रवाई

 खगड़िया... खगड़िया में स्वास्थ्य विभाग  कोरोना पॉजिटिव का फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले अधिकारी और कर्मी पर कितना मेहरबान है।इसकी एक बानगी जिले के गोगरी प्रखण्ड में दिखने को मिल रहा है।जंहा गोगरी प्रखण्ड के मदारपुर गांव  पिछले साल जून में  दो गर्भवती महिला सहित तीन महिलाओं बिना कोरोना जांच के  कोरोना पॉजिटिव बता दिया गया।और तीनों महिला को न केवल जबरन खगड़िया कोरन्टीन सेंटर में शिफ्ट किया गया।

बल्कि मदारपुर वार्ड संख्या-9 को कंटेंमेंट जोन घोषित कर दिया गया।लेकिन तीनो महिला के परिजन जब जिलाधिकारी से शिकायत किया तो तीनों महिला रिपोर्ट नेगेटिव आया।जिलाधिकारी आलोक रजंन के आदेश पर गोगरी रेफरल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी और डाटा ऑपरेटर से स्पष्टीकरण भी पूछा गया। लेकिन स्पष्टीकरण पूछने का 8 महीना बीतने को है।लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

डीएम आलोक रजंन घोष का कहना है कि सीएस के द्वारा अब तक रिपोर्ट नही दिया गया है। रिपोर्ट आते ही कार्रवाई होगी।मदारपुर घटना के बाद से जिले में कोरोना जांच में किसी तरह की विसंगति की शिकायत  अब तक नहीं मिली है।बावजूद ऐसी विसंगति की जानकारी प्राप्त करने के लिए एक स्वास्थ्य विभाग की टीम कई स्तर पर जांच कर रही है। वंही स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही की शिकार हुए तीनो महिलाओं का कहना है जब उनका फर्जी कोरोनो पॉजिटिव का रिपोर्ट आया था।तो उन्हें और उनके परिवार को काफी यातना सहना पड़ा था।गांव के लोग उनसे दूरी बनाते थे।लोग उनसे बात तक नहीं करना चाहते थे।स्वस्थ्य विभाग के लापरवाही के कारण चार दिनों तक बेवजह उनका गांव कंटेंमेंट जोन बना।ऐसे स्वस्थ्यकर्मी पर कार्रवाई होनी चाहिए।



Find Us on Facebook

Trending News