कृषि कानून पर आरसीपी ने विपक्ष की उघेड़ दी बघिया, कहा अपना इतिहास देंखे, पहले किसानों की क्या स्थिति थी, अब कैसे हैं किसान

कृषि कानून पर आरसीपी ने विपक्ष की उघेड़ दी बघिया, कहा अपना इतिहास देंखे, पहले किसानों की क्या स्थिति थी, अब कैसे हैं किसान

नई दिल्ली। कृषि कानून को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध को लेकर राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने तगड़ा जवाब दिया है। जदयू अध्यक्ष ने कहा है कि कृषि कानून का विरोध जतानेवाले पहले अपना इतिहास देंखे कि पहले देश में कृषि की हालत क्या थी, आज कृषि की हालत क्या है। आरसीपी ने इस दौरान यूपी से राज्यसभा सांसद पर तगड़ा हमला करते हुए कहा कि अगर इतिहास नहीं जानते हैं, तो हम आपकी याद्दाश्त को ठीक कर देते हैं। 

आरसीपी सिंह राज्यसभा में किसान आंदोलन पर चर्चा करते हुए कहा  उत्तर प्रदेश में मैं जॉइंट सेक्रेटरी था तो समय मंडी के डिप्टी डायरेक्टर के लिए काफी सिफारिशें आती थी, वह क्यों आती थी रामगोपाल जी नहीं जानते हैं क्या? सचिव ग्रुप सी का कर्मचारी होता था, उसके पोस्टिंग के लिए बाहर क्या क्या धंधा होता था? भ्रष्टाचार का अड्डा था?  लेकिन उसको खत्म किया बिहार सरकार ने। रिजल्ट क्या है बिहार में अन्न का उत्पादन पहले 81 लाख था तथा आज हमारा 181 लाख टन है।  संसाधन क्या था 2005 में। आज हमारा लक्ष्य 4500000 टन सिर्फ धान का उत्पादन है। 135 प्रतिशत बढ़ा है 2005 के बाद। गेहूं का 118 प्रतिशत बढ़ा है। यह कैसे हुआ है।  

मछली उत्पादकों का दिया उदाहरण

आरसीपी ने मछली व्यापारियों का उदाहरण देते हुए कहा वह आज स्वतंत्र है। पहले 3 से 4 दिन तक रखे रहता था आज अपनी मछली अपनी सब्जी को कहीं बेच सकता है कभी भी भेज सकता है इसमें कहीं भी रोक नहीं है। लोगों को गुमराह मत कीजिए। 

उन्होंने कांट्रेक्ट फार्मिंग को लेकर कहा कि बिहार में कांट्रेक्ट फार्मिंग हो रही है। कांट्रेक्ट फार्मिंग दो लोगों के बीच होता है, एक किसान जो उत्पादक है, दूसरा जो कांट्रेक्ट देता है। अब इसमें किसान की इच्छा है कि वह कांट्रेक्ट करेगा या नहीं अगर आमदनी बढ़ती है तो वह इसे अपनाएगा, अन्यथा नहीं। यह कहना गलत है कि कांट्रेक्ट देनेवाला एक साल पूरी रकम देगा और दूसरे साल उसकी पूरी कीमत नहीं देगा


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