ललन सिंह ने खोली प्रशांत किशोर की पोल, जदयू में शामिल होने के पीके के षड्यंत्र को किया बेनकाब

ललन सिंह ने खोली प्रशांत किशोर की पोल, जदयू में शामिल होने के पीके के षड्यंत्र को किया बेनकाब

पटना. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने शनिवार को प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा को भी निशाने पर लिया. उन्होंने दावा किया कि प्रशांत किशोर खुद ही जदयू में शामिल होने के लिए दिल्ली में ललन सिंह से मिलने गए थे. लेकिन ललन सिंह ने उन्हें सख्त हिदायत दी थी कि अगर वे पार्टी के अनुशासन में रहकर काम करेंगे तभी उन्हें जदयू में शामिल किया जाएगा. ललन सिंह ने कहा कि हम फिर से दोहराते हैं. प्रशांत किशोर एक व्यापारी हैं. वे सिर्फ अपनी मार्केटिंग चमकाने के लिए नीतीश कुमार और जदयू के नाम का सहारा ले रहे हैं. 

उन्होंने कहा, प्रशांत किशोर ने मुझसे दिल्ली में डेढ़ घंटे बात की. ललन ने कहा कि हमने प्रशांत को साफ कहा था कि दल के अनुशासन में रहकर काम करना होगा. दल का निर्णय जो रहता है वह सभी को स्वीकार होना चाहिए. भले किसी विषय पर भिन्न राय हो लेकिन दल ने जो निर्णय लिया उसे मानना होता है. यह दो शर्त अगर मानेंगे तो पार्टी के अंदर आप काम कर सकते हैं. ललन सिंह ने कहा कि इसी दौरान प्रशांत किशोर  ने सीएम नीतीश से मिलने की इच्छा जताई थी तो उन्हें शाम 4 बजे मिलने का समय दिया गया. हालांकि प्रशांत ने मीडिया को इसकी पहले ही जानकारी दे दी और फिर दोपहर 2 बजे कहा कि हमको बुलाया जाएगा, सीएम इंतजार करेंगे लेकिन हम मिलेंगे नहीं. यह सब उनके मार्केटिंग का हिस्सा है. 

हाल ही में पवन वर्मा ने जब सीएम नीतीश से मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर भी आपसे मिलना चाहते हैं. गठबंधन में जदयू शामिल हुई है तो उसमें नई परिस्थिति में प्रशांत सीएम नीतीश से मिलना चाहते हैं. इस पर नीतीश कुमार ने पवन वर्मा को कहा कि आप उन्हें ला सकते हैं. क्योंकि सीएम किसी से मिलने से इनकार क्यों करेंगे. हालांकि प्रशांत सीएम नीतीश से मिले और बाहर निकलकर कहा कि उन्हें जदयू में शामिल होने का ऑफर दिया गया है. यह पूरी तरह गलत है. कोई उन्हें क्यों पार्टी में शामिल करना चाहेगा. वे क्या हैं? वे बिहार में घूम रहे हैं तो घूमे. 

उन्होंने कहा कि यह सब जानते हैं कि प्रशांत किशोर भाजपा के लिए काम करते हैं. उन्होंने बिना आरसीपी सिंह का नाम लिए हुए कहा कि भाजपा ने पहले भी इसी तरह आरसीपी के साथ मिलकर साजिश की थी. लेकिन 'मजिस्ट्रेट चेकिंग' में आरसीपी पकड़े गए. अब वही काम प्रशांत के साथ मिलकर किया जा रहा है. भाजपा जनाधार के बल पर अपनी पार्टी को विकसित नहीं करना चाहती. भाजपा सिर्फ षड्यंत्र के माध्यम से यहां पार्टी को मजबूत करना चाहती है. इसी कारण वे प्रशांत किशोर को आगे कर ऐसा कर रहे हैं.


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