एक साथ दो-दो केस में सुनवाई के लिए गुपचुप तरीके से कोर्ट पहुंचे लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, किसी को नहीं थी कोई खबर

एक साथ दो-दो केस में सुनवाई के लिए गुपचुप तरीके से कोर्ट पहुंचे लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, किसी को नहीं थी कोई खबर

PATNA : पासपोर्ट जारी करने को लेकर लालू प्रसाद की अपील पर भले ही आज सुनवाई टल गई हो, लेकिन इसके बाद भी आज लालू प्रसाद आज कोर्ट में पेशी के लिए जाना पड़ा है। मामला 12 साल पुराने धरना प्रदर्शन से जुड़ा बताया गया है से जुड़ा हुआ है। जिसमें उनके साथ राबड़ी देवी के खिलाफ मामला दर्ज था। शुक्रवार सुबह चुनाव से संबंधित धरना-प्रदर्शन मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए हैं।  इसके अलावा लालू प्रसाद मानहानि के एक अन्य केस में भी कोर्ट में पेश हुए हैं। 

बताया गया आज लालू प्रसाद को तीन मामले में कोर्ट में पेश होना था, जिसमें एक केस में उनके वकील के निधन के कारण सुनवाई टल गई। वहीं दो अन्य केस में लालू प्रसाद कोर्ट में हाजिर हुए। इस दौरान उनके साथ राबड़ी देवी भी मौजूद थी। बताया गया कि यादव दंपती पर 2010 में जीआरपी पटना के सामने धरना प्रदर्शन करने का मामला दर्ज था। जिसमें आज एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई है। बताया गया कि इस केस में दोनों को कोर्ट ने 10-10 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दिया।

मानहानि केस में भी सुनवाई

वहीं,  मानहानि के एक अन्य मामले में इसी कोर्ट में सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पेश हुए। यह मुकदमा भागलपुर के उदयकांत मिश्रा ने दायर किया था। मिश्रा ने एक टिपण्णी पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। भागलपुर के उदयकांत मिश्रा को लेकर भी लालू प्रसाद ने विवादित टिप्पणी की थी। जिसमे लालू प्रसाद से कोर्ट ने पूछा कि क्या उन्होंने ऐसी कोई विवादित टिप्पणी की थी, जिस पर लालू प्रसाद ने साफ कहा कि उन्होंने कभी भी ऐसा बयान नहीं दिया था। 

पांच साल पहले दिया था विवादित बयान

10 सितम्बर 2017 को भागलपुर के सैंडिस कम्पाउंड में सार्वजनिक रूप से लालू प्रसाद ने उदयकांत मिश्रा के साथ मुख्यमंत्री के साथ रिश्ते पर सवाल उठाया था। लालू प्रसाद ने कहा था कि नीतीश कुमार जब भी भागलपुर आते हैं तो उदयकांत मिश्रा के घर पर ही ठहरते हैं। इस दौरान उन्होंने उदयकांत मिश्रा का नाम उस समय के चर्चित सृजन घोटाले से भी जोड़ दिया था।

जिस पर आपत्ती जाहिर करते हुए उदयकांत मिश्रा ने मानहानि का केस किया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षाविद् होने व समाज के सभी वर्गों से जान-पहचान होने के कारण उनके यहां सभी का आना-जाना रहता है, जबकि सीएम से 35 वर्षों की पुरानी मित्रता है। इस कारण सीएम जब भी भागलपुर दौरे पर होते हैं तो घर पर मां से मिलने आते हैं। सामाजिक दायित्वों के तहत सीएम अगर किसी के घर जाते हैं तो इसमें आपत्ति क्यों। सृजन घोटाला में नाहक घसीटे जाने पर उदयकांत मिश्रा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लेना-देना नहीं है



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