राजद के 25 साल के इतिहास में जो अब तक नहीं हुआ, लालू प्रसाद वो करने जा रहे हैं, जानें क्या है राजद सुप्रीमो का वह बड़ा फैसला

राजद के 25 साल के इतिहास में जो अब तक नहीं हुआ, लालू प्रसाद वो करने जा रहे हैं, जानें क्या है राजद सुप्रीमो का वह बड़ा फैसला

NEW DELHI : राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लालू प्रसाद का लगातार 12वीं बार चयन हो चुका है। आगामी 10 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राजद का अधिवेशन होना है। जहां उन्हें फिर से अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी की जानी है। लेकिन अपनी ताजपोशी से पहले राजद में एक दूसरी बात की चर्चा शुरू हो गई है। यह चर्चा लालू प्रसाद के राजनीतिक वारिस तेजस्वी यादव से जुड़ी है। चर्चा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अब बेटे तेजस्वी को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना सकते हैं। 

25 साल के पार्टी के इतिहास में अभी तक कभी भी किसी को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नहीं बनाया गया है। इस बार इस नए पद की घोषणा खुद RJD सुप्रीमो लालू यादव कर सकते हैं। चर्चा है कि क्या लालू प्रसाद, अपने छोटे बेटे और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर सकते हैं। लालू राजनीति को खूब समझते हैं। साथ ही तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनते हुए भी देखना चाहते हैं। इन सबों को देखते हुए उन्होंने आब आगे के रास्ते को बड़े बेटे के अनुकूल बनाने के लिए एक नई परंपरा शुरू कर सकते हैं। हालांकि अब भी परिस्थितियां तेजस्वी यादव के ही अनुकूल है।


तेजस्वी उनके राजनीतिक वारिस की आधिकारिक घोषणा

लालू प्रसाद के परिवार में बड़ी बेटी मीसा भारती राज्य सभा की सदस्य दूसरी बार चुनी गई हैं। बड़े बेटे तेजप्रताप यादव वन पर्यावरण विभाग में मंत्री हैं। वे अपने संगठन जनशक्ति परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। लेकिन लालू प्रसाद के असली राजनीतिक वारिस तेजस्वी यादव ही हैं। तेजस्वी ही 2020 के विधान सभा चुनाव में राजद की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा थे। सरकार नहीं बनी तो तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष बने थे। अभी नीतीश-तेजस्वी सरकार में वे उपमुख्यमंत्री हैं। कई विभागों का प्रभार उनके पास है। कई बार तेजस्वी अपनी रणनीतिक चालों में सफल हो चुके हैं। इसलिए भी लालू प्रसाद का कॉन्फिडेंस उनको लेकर काफी है। 

लालू प्रसाद बीमार चल रहे हैं

बता दें कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद दर्जन भर बीमारियों से ग्रस्त हैं। उन्हें सूगर और किडनी की गंभीर बीमारी है। किडनी की बीमारी की वजह से उन्हें खान-पान में काफी परहेज बरतना पड़ता है। पानी भी नाप कर ही पीना पड़ता है। लालू यादव 3 जुलाई को पटना स्थित राबड़ी देवी के आवास में कमरे की सीढ़ी पर गिर गए थे। इसके बाद उनकी सेहत काफी बिगड़ गई थी। उन्हें 4 जुलाई को पटना के पारस अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और फिर एयर एंबुलेंस से 7 जुलाई को दिल्ली एम्स ले जाया गया था। उन्हें जल्द ही किडनी के इलाज के लिए सिंगापुर जाना है। ऐसी स्थिति में लालू प्रसाद काफी काम करने की स्थिति में फिजिकली नहीं हैं। जिसके कारण भी बहुत संभव है लालू प्रसाद तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष बना सकते हैं।

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