ADJ के निर्णय पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, पूछा - एक ही मामले में दो अलग-अलग फैसला क्यों दिया

ADJ के निर्णय पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, पूछा - एक ही मामले में दो अलग-अलग फैसला क्यों दिया

पटना। एक महिला की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने एडीजे के निर्णय को लेकर सवाल उठाया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि एक ही केस में एक जैसे आरोप के बाद अलग-अलग फैसला कैसे दिया गया। कोर्ट ने पूछा है कि जब दो लोग आरोपी बनाए गए थे, तो एक को अग्रीम जमानत और एक की जमानत खारिज क्यों की गई। फिलहाल पटनी सिटी के एडीजे के फैसले को लेकर मामला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेज दिया गया है, माना जा रहा है कि इस फैसले को लेकर एडीजे के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

मामले में बताया गया कि दनियांवा थाना में 2019 में हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें पुतुर पासवान और वृंद पासवान के खिलाफ हत्या करने का मामला दर्ज किया गया था। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने प्राथी और उसकी मां पर लोहे के रॉड से हमला किया, जिसमें महिला की मौत हो गई। 

पटना सिटी के एडीजे के फैसले पर सवाल

मामल की सुनवाई पटना सिटी एडीजे के कोर्ट में हुई, जिसमें उन्होंने 11 नवंबर को पुतुर पासवान की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। वहीं 12 दिन बाद उसी अदालत में 23 नवंबर को दूसरे आरोपी वृंद पासवान की अग्रिम जमानत अर्जी को मंजूरी दे दी। एक ही मामले में दो अलग अलग फैसले को लेकर राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 

कोर्ट ने मामले में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दोनों फैसलों में विसंगति है और इसे किसी भी दृष्टि से भी न्यायोचित नहीं माना जा सकता है। फिलहाल इस मामले में मिली अग्रिम जमानत को निरस्त कर अभियुक्त वृंद पासवान को चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने तथा नियमित जमानत लेने का आदेश दिया है। साथ ही अग्रिम जमानत देने वाले एडीजे के खिलाफ जांच व कार्रवाई करने के लिए केस की फाइल सहित पूरी कागजात मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार की एकलपीठ ने बिहार सरकार की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई 

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