राम सूरत राय को मांझी ने दी नसीहत - कुछ बोलने से पहले सरकार से कर लें बात, बेवजह पेपर में बोलकर विवाद न बढ़ाएं

राम सूरत राय को मांझी ने दी नसीहत - कुछ बोलने से पहले सरकार से कर लें बात, बेवजह पेपर में बोलकर विवाद न बढ़ाएं

NEW DLEHI : बिहार में सीमांचल क्षेत्रों में बढ़ते घुसपैठ को लेकर मंत्री रामसूरत राय द्वारा दिए गए बयान को लेकर जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ती जाहिर की है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राम सूरत राय को कुछ बोलने से पहले सरकार से बात करनी चाहिए थी। इस तरह पेपर में बात करना सही नहीं है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर लौटे जीतन राम मांझी ने इस दौरान कहा कि यह मामला पहले से वहां चल रहा है। पूर्व में अजीत सरकार इसके लिए माने जाते थे। वहां यह घटना घटती है तो इसका मतलब नही कि वहां एक कॉम के लोग बस रहे हैं। रामसूरत राय कैबिनेट में मिनिस्टर हैं। उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए थे। अगर कोई बात थी तो उन्हें पहले सीएम से बात करना चाहिए थी।

बता दें  कि मंत्री रामसूरत राय ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि  स्थानीय दलालों के जरिए बाहरी लोगों को लाकर जमीनें बेची जा रही है। सीमांचल में समीक्षा बैठक के दौरान जानकारी मिली थी। बड़ी संख्या में घुसपैठी विदेशी पैसा का इस्तेमाल जमीन खरीदने में कर रहे हैं।' मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि 'खास लोगों के जरिए अपने समाज के लोगों को बसाया जा रहा है। मंदिर, मठों, भूदान और लाल पर्चे की जमीनों को दलाल घुसपैठियों को बेच रहे हैं। उन जमीनों पर बाजार, मॉल और संस्था बनाने का सीमांचल में रैकेट चल रहा है। बिहार सरकार और बीजेपी दोनों घुसपैठियों को रोकने पर काम कर रही है। जमीन की रक्षा के लिए भूमि-राजस्व विभाग काम कर रहा है। सभी जमीनों का जमाबंदी कराकर उसे पोर्टल पर लाया जाएगा।'

जदयू ने की थी इस्तीफे की मांग

रामसूरत राय को बयान पर आपत्ति जाहिर करते हुए जदयू नेता खालिद अनवर ने कहा कि हमारे सीएम नीतीश कुमार कह चुके हैं कि बिहार में कोई घुसपैठि‍या नहीं है। यदि ये सीएम के बयान को नहीं मानते तो फिर इन्‍हें कैबिनेट में नहीं रहना चाहिए। ऐसा बयान देकर समाज में तनाव पैदा करना चाहते हैं। दीवारें खड़ी करना चाहते हैं। इसे हमारी सरकार और हमार लीडर नीतीश कुमार किसी हाल में बर्दाश्‍त नहीं करेंगे।



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