चुनाव ने मिटाई दूरियां, गेस्ट हाउस हत्याकांड के 24 साल बाद मायावती-मुलायम एक मंच पर

चुनाव ने मिटाई दूरियां, गेस्ट हाउस हत्याकांड के 24 साल बाद मायावती-मुलायम एक मंच पर

N4N Desk: गेस्ट हाउस हत्याकांड ने रिश्ते में कड़वाहट लाई तो वहीं 2019 के चुनाव ने दूरियां मिटाई। 1995 के गेस्टहाउस कांड के 24 साल के लम्बी समय के बाद दोनों नेता एक मंच पर जुट रहे हैं. मैनपुरी में शुक्रवार की होने वाली रैली पर सबकी निगाहें होंगी जब बसपा सुप्रीमो मायावती अपने पुराने विरोधी मुलायम सिंह के लिए वोट मांगेंगी.

इसके जरिये महागठबंधन प्रतिद्वंद्वियों को यह संदेश देने की कोशिश करेगा कि सभी दल बीजेपी के खिलाफ एकजुट हैं. सपा के जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा मुखिया मायावती और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह रैली को सम्बोधित करेंगे. इस मौके पर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव भी मौजूद रहेंगे. 

शुरू में ऐसी खबरें थीं कि मुलायम रैली में शामिल नहीं होंगे. रैली स्थल पर 40 लाख लोगों को जुटाने की तैयारी की गयी है. मालूम हो कि साल 1993 में गठबंधन कर सरकार बनाने वाली सपा और बसपा के बीच पांच जून 1995 को लखनऊ में हुए गेस्ट हाउस काण्ड के बाद दूरियां आ गयी थी. लेकिन मायावती स्पष्ट कर चुकी हैं कि दोनों पार्टियों ने बीजेपी को हराने के लिये आपसी गिले—शिकवे भुला दिये हैं. 

Find Us on Facebook

Trending News