उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मायावती ने खोला पत्ता, एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ के समर्थन पर चौंकाने वाला फैसला

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मायावती ने खोला पत्ता, एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ के समर्थन पर चौंकाने वाला फैसला

DESK. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने राष्ट्रपति चुनाव के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव पद पर होने वाले चुनाव के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने ऐलान किया कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के खिलाफ अलग स्‍टैंड लेते हुए एनडीए उम्‍मीदवार के समर्थन का ऐलान किया। उन्‍होंने साफ कर दिया है कि बीएसपी, एनडीए के उम्‍मीदवार जगदीप धनखड़ को वोट देगी। इसकी जानकारी मायावती ने ट्वीट कर दी है। तो वहीं राष्ट्रपति चुनाव में भी मायावती की बसपा ने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मूर्मु को समर्थन दिया था।

आगामी 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान होना है। इसके पहले ही बीएसपी सुप्रीमो ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन का ऐलान कर सभी को चौंका दिया है। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि उनकी पार्टी एनडीए उम्‍मीदवार जगदीप धनखड़ को समर्थन देने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा है कि सर्वविदित है कि देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में सत्ता और विपक्ष के बीच आम सहमति ना बनने की वजह से ही इसके लिए फिर अन्ततः चुनाव हुआ। अब ठीक वही स्थिति बनने के कारण उपराष्ट्रपति पद के लिए भी दिनांक 6 अगस्त को चुनाव होने जा रहा है।

बसपा सुप्रीमो दूसरे ट्वीट में लिखती है कि बीएसपी ने ऐसे में उपराष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनाव में भी व्यापक जनहित और अपनी मूवमेंट को भी ध्यान में रखकर जगदीप धनखड़ को अपना समर्थन देने का फैसला किया है और जिसकी मैं आज औपचारिक रूप से घोषणा भी कर रही हूं। 

दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव के दौरान बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का ऐलान किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि एनडीए के राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का फैसला किया है। यह फैसला न तो बीजेपी या एनडीए के समर्थन में और न ही विपक्ष के खिलाफ बल्कि अपनी पार्टी और आंदोलन को ध्यान में रखते हुए लिया है। बीएसपी कमजोर, गरीब और उपेक्षित वर्ग के लोगों के लिए फैसले लेती रही है।

मायावती के इस ऐलान से कांग्रेस नेता और संयुक्त विपक्ष की उम्मीदवार मार्गेट अल्वा को बड़ा झटका लगा है. संख्या बल के हिसाब से एनडीए उम्‍मीदवार जगदीप धनखड़ की जीत तय मानी जा रही है. लेकिन ज्यादा से ज्यदा दलों में समर्थन से जीत होने से वे बड़े अंतर से जीत हासिल करेंगे. इससे वे जीत का नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं. इसी वजह से भाजपा की कोशिश उन दलों को मतदान के लिए अपने साथ लाने पर है जो एनडीए में नहीं होने के बाद भी कांग्रेस से दूरी बनाए हुए हैं. 


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