2 करोड़ की लागत से बना मॉडल थाना असामाजिक तत्वों का बना अड्डा, जानिए क्या है वजह

2 करोड़ की लागत से बना मॉडल थाना असामाजिक तत्वों का बना अड्डा, जानिए क्या है वजह

West   Singhbhum : पश्चिमी सिंहभूम जिले का सारंडा जंगल अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। रघुवर सरकार ने नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए मॉडल थाना भवन को उनकी मांद में बनवाया था। लेकिन दो करोड़ की लागत से तीन साल में बना यह मॉडल थाना आज असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है।  

तत्कालीन मुख्यमंत्रीरघुवर दास ने 26 जून 2016 को इसका उद्घाटन किया था, लेकिन अबतक किरीबुरु थाना नये भवन में शिफ्ट नहीं हो सका है। थाना आज भी  सेल के क्वार्टर में चल रहा है। 

नये भवन में सौ पुलिसकर्मियों के रहने की व्यवस्था है, लेकिन अब यह खंडहर में बदलता जा रहा है। आसपास कोई आबादी नहीं है। ऐसे में यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। 

किरीबुरू थाने का नया भवन सारंडा जंगल में सुनसान पहाड़ी पर बना है। यह सुरक्षा के दृष्टिकोण से ठीक नहीं है। साथ ही नये भवन में पानी की भी व्यवस्था नहीं है। दो बार डीप बोरिंग की कोशिश हुई, लेकिन सफलता नहीं मिली. इस वजह से थाने को शिफ्ट करने में परेशानी आ रही है.
 
एसपी इंद्रजीत महथा का कहना है कि पानी की व्यवस्था किये बिना थाने को नये भवन में शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। दो बार डीप बोरिंग की कोशिश हुई, लेकिन फेल साबित हुई। पानी के बिना पुलिसकर्मी वहां ड्यूटी नहीं कर सकते. हालांकि इसके लिए कोशिश जारी है।

Find Us on Facebook

Trending News