मोदी ने खोली पोल- उप राष्ट्रपति बनना चाहते थे नीतीश कुमार, भाजपा नहीं हुई तैयार तो एनडीए से तोड़ दिया नाता

मोदी ने खोली पोल- उप राष्ट्रपति बनना चाहते थे नीतीश कुमार, भाजपा नहीं हुई तैयार तो एनडीए से तोड़ दिया नाता

पटना. नीतीश कुमार ने बिहार में एनडीए से नाता तोड़ने का जो निर्णय लिया है उसके पीछे मूल कारण था कि नीतीश खुद को देश का उप राष्ट्रपति बनाना चाहते थे लेकिन भाजपा इसके लिए तैयार नहीं थी. यह खुलासा बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के निकटस्थ जदयू नेताओं ने हाल ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से नीतीश कुमार को उप राष्ट्रपति बनाने की बात कही थी. हालांकि भाजपा ने इस पर विचार नहीं किया. नीतीश के एनडीए से नाता तोड़कर राजद के साथ जाने का यह एक प्रमुख कारण रहा. 

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने एनडीए से नाता तोड़ने के दौरान कई सफेद झूठ बोला है. नीतीश का कहना है कि बिना उनकी सहमति के आरसीपी सिंह को मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया गया, जो सरासर झूठ है. सुशील मोदी ने कहा कि जब 2019 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे थे तब एनडीए के घटक दल के रूप में जदयू को एक मंत्री पद देने की बात हुई थी. लेकिन, नीतीश कुमार ने कहा था कि हमारे दल में किसी के नाम पर सहमति नहीं है. दूसरी बार जब मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ तब गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार को फोन कर उनके दल से मंत्री बनने वाले का नाम पूछा. सुशील मोदी ने दावा किया कि नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह को मंत्री बनाने की सहमति दी और यह भी कहा कि इससे ललन सिंह कुछ नाराज होंगे. वहीं अब आरसीपी सिंह को लेकर नीतीश सफेद झूठ बोल रहे हैं कि बिना उनकी सहमति के वे मंत्री बने. 

नीतीश के एनडीए से अलग होने पर उन्होंने कहा कि उनका हमसे गठबंधन तोड़ना कोई बात नहीं है लेकिन नीतीश इस तरह से सफेद झूठ न बोले. सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश और हमारा साथ 17 साल का था. नीतीश तो भाजपा की बदौलत ही सीएम बने. उन्होंने दावा किया नवंबर 2005 में जब एनडीए को बहुमत मिला तबतत्कालीन समता पार्टी के प्रमुख नेताओं जॉर्ज फर्नांडिस, प्रभुनाथ सिंह आदि ने नीतीश के सीएम बनने का विरोध किया था. मोदी ने दावा किया कि समता पार्टी के नेताओं के विरोध के बाद भी उन्होंने भाजपा आलाकमान को नीतीश के नाम पर राजी किया. बावजूद इसके नीतीश ने भाजपा को धोखा दिया. 


उन्होंने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में बिहार का अतिपिछड़ा वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर एनडीए के साथ आया था. नरेंद्र मोदी भी अतिपिछड़ा समाज से आते हैं और इसलिए बिहार का अतिपिछड़ा समाज एनडीए के साथ आया. बिहार 30 फीसदी अतिपिछड़ा समाज के वोटों का अपमान कर नीतीश ने भाजपा से नाता तोडा है. उन्होंने कहा कि 2015 में अतिपिछड़ा वर्ग नीतीश के साथ था जो अब पीएम मोदी के साथ है. इसलिए मोदी- भाजपा से नाता तोड़कर नीतीश कोई करिश्मा नहीं कर पाएंगे क्योंकि अतिपिछड़ा अब उनके साथ नहीं है. 

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सोची समझी रणनीति के तहत राजद के साथ गए. वे राजद को जदयू में विलय करना चाहता है. उन्होंने कहा कि कई घोटालों में घिरे लालू परिवार के लोगों का जेल जाना तय है. हाल ही में रेलवे भर्ती घोटाले में लालू के खास भोला यादव की गिरफ्तारी हुई है. अब इस मामले में लालू परिवार के अन्य सदस्य जैसे तेजस्वी यादव और शेष लोगों की गिरफ्तारी होगी. नीतीश कुमार उसी घड़ी के इंजतार में हैं. जैसे ही लालू परिवार के सदस्य जेल जाएंगे नीतीश कुमार को कोशिश है कि वे राजद का विलय जदयू में कर लें. वे राजद पर कब्जा करना चाहते हैं. 


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