सासंद और मेयर प्रत्याशी के नाम की मुहर का इस्तेमाल कर लोगों को बनाते थे अपना शिकार, गैंग के बारे में जानकर पुलिस भी हैरान

सासंद और मेयर प्रत्याशी के नाम की मुहर का इस्तेमाल कर लोगों को बनाते थे अपना शिकार, गैंग के बारे में जानकर पुलिस भी हैरान

PATNA : पटना की पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस इन शातिरों के पास से पुलिस ने वैसे तो काफी कुछ बरामद किया है। मगर, चौंकाने वाली बात ये है कि इन शातिरों ने महाराष्ट्र से शिव सेना के लोकसभा सांसद श्रीरंग अप्पा बरने के नाम पर फर्जी रबर स्टाम्प बना रखा था। बताया गया कि इसका इस्तेमाल ये शातिर फर्जी पेपर तैयार करने में करते थे।

गिरफ्तार अपराधियों को लेकर पुलिस ने बताया कि उनमें एक भोजपुर जिले के चौरी थाना निवासी 22 साल का अंजिश कुमार है। जबकि, दूसरा शेखपुरा जिले के शेखोपुर सराय थाना के तहत मोहब्बतपुर के रहने वाले 20 साल का सूर्य प्रताप कुमार है।  पुलिस के अनुसार सांसद के नाम पर ये फर्जी लेटर बनाकर उसका इस्तेमाल बैंक में अकाउंट खोलने और सीमाकार्ड खरीदने में भी किया गया है। इन लोगों ने सांसद के नाम पर बनाए गए रबर स्टाम्प का अब तक किस-किस पेपर के लिए किया गया है? इसकी पुलिस जांच कर रही है।

छापेमारी में मिला बहुत कुछ

इनके पकड़े जाने के बाद पुलिस ने इन दोनों शातिरों के ठिकानों पर छापेमारी की। थानेदार मनोरंजन भारती के अनुसार ये दोनों शातिर वर्तमान में पटना में रामकृष्णा नगर और गोपालपुर इलाके में रह रहे थे। इनके ठिकाने से 18 मोबाइल, 111 सीम कार्ड, 19 एटीएम सह डेबिट कार्ड, दो चेक बुक, अलग-अलग बैंक अकाउंट के 5 पासबुक, 5 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, सोने का चेन, ठगी के रुपयों के हिसाब का 5 रजिस्टर, शिवसेना के सांसद श्रीरंग अप्पा बरने के नाम का एक रबर स्टाम्प के अलावा एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के नाम का रबर स्टाम्प, और साइबर ठगी के जरिए कमाए गए 36 हजार 500 रुपए बरामद किया गया।

मिलती है स्पेशल ट्रेनिंग

गुरुवार को पुलिस ने बताया कि इन दोनों साइबर अपराधियों को पत्रकार नगर थाना के HDFC बैंक के ATM के पास से पकड़ा गया था। ये दोनों वहां से ठगी के कैश निकालने गए थे। पुलिस को देख इनकी चाल बदल गई थी। तब शक के आधार पर टीम ने पकड़ा। फिर जो बातें सामने आई, उसे जान कर पुलिस वाले भी चौंक गए। 

पूछताछ में इन दोनों ने बताया कि पुणे और बिहार के ही नवादा जिले के रहने वाले दो शख्स इनके ट्रेनर हैं। जो साइबर ठगी के तरीके बताते हैं। वो कई और लड़कों को भी ट्रेंड कर रहे हैं। ठगी के अलग-अलग तरीके बताते हैं। ATM कार्ड के बंद होने, KYC अपडेट करने, कंपनियों के नाम पर डिस्ट्रिब्यूटरशीप देने सहित कई तरह से ठगी के तरीके बताए जाते हैं।

 इनके गैंग से कई ऐसे लोग भी जुड़े हैं, जो मोटी रकम लेकर दूसरे के नाम पर खुलवाए गए बैंक अकाउंट और ATM कार्ड उपलब्ध करवाते हैं। फिलहाल इन दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही कोर्ट में पेश करने के बाद वहां से ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है।


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