बिहार BJP संगठन-सरकार दोनों में होगा बदलाव! अध्यक्ष का कार्यकाल 14 सितंबर को हो रहा पूरा, नए चेहरे पर पार्टी लगायेगी दांव?

बिहार BJP संगठन-सरकार दोनों में होगा बदलाव! अध्यक्ष का कार्यकाल 14 सितंबर को हो रहा पूरा, नए चेहरे पर पार्टी लगायेगी दांव?

PATNA: बिहार में आने वाले दिनों में बीजेपी में बहुत कुछ बदलने वाला है। संगठन और सरकार दोनों में बड़े बदलाव होंगे। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल के तीन सालों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। 14 सितंबर 2019 को शीर्ष नेतृत्व ने इन्हें बिहार की कमान सौंपी थी। बिहार बीजेपी को नए प्रभारी भी मिलने वाले हैं। भूपेन्द्र यादव के केंद्रीय मंत्री बनाये जाने से यह पद खाली है। वर्तमान में सह प्रभारी हरीश द्विवेदी ही काम देख रहे हैं। सरकार में भी बीजेपी बड़ा बदलाव कर सकती है। पुअर परफॉरमेंस वाले व बीमार मंत्री को बदला जा सकता है। पटना दौरे पर आये राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को बीजेपी कोटे के सभी मंत्रियों के साथ बैठक की थी। अमित शाह और नड्डा के दौरे के समापन के बाद अब चर्चा तेज हो गई है। 

क्या बिहार बीजेपी का चेहरा बदलने वाला है?

बिहार बीजेपी के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। 14 सितंबर 2019 को उन्हें बिहार की कमान सौंपी गई थी। तीन साल पूरे होने से पहले क्या बिहार को नया नेतृत्व मिलेगा या इनका कार्यकाल बढ़ाया जायेगा? इस पर चर्चा शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि 30-31 जुलाई को पटना में बीजेपी संयुक्त मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की सफल बैठक  आयोजित करा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल से राष्ट्रीय नेतृत्व काफी खुश है। इस कार्यक्रम से  वर्तमान अध्यक्ष का कद और बढ़ गया है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की तरफ से संजय जायसवाल को इनाम दिया जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर इनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है या फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि संजय जायसवाल भी इस कोशिश में जुटे हुए हैं। पटना में पहली दफे सात मोर्चों के राष्ट्रीय सम्मेलन कराकर उन्होंने अपनी दावेदारी और मजबूत करा ली है। 

सरकार में भी बदलेगा चेहरा!

बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि संगठन के साथ-साथ सरकार में भी बदलाव संभव है। इस बार प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी किसी उंची जाति के नेता को दी जा सकती है। क्यों कि वर्तमान में संगठन और सरकार दोनों जगहों पर पिछड़ी जाति का कब्जा है। संगठन में जहां संजय जायसवाल अध्यक्ष की कुर्सी पर हैं वहीं सरकार में दोनों डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी हैं। दोनों महत्वपूर्ण सीट से सवर्ण कास्ट आउट है। सवर्णों को पूरी तरह से आउट करने का खामियाजा भी पार्टी को उठाना पड़ रहा है।  विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि अगर केंद्रीय नेतृत्व वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाती है तो फिर सरकार में एक डिप्टी सीएम उंची जाति का होगा। वैसे संजय जायसवाल को केंद्र में भी जगह दिये जाने की भी चर्चा है,ऐसे में अध्यक्ष की कुर्सी सवर्ण जाति के नेताओं को दी जा सकती है। राष्ट्रीय नेतृत्व आने वाले चुनाव को ध्यान में रखकर कोई निर्णय लेगी। क्यों कि जिनके कंधों पर प्रदेश की कमान सौंपी जायेगी उनके कार्यकाल में ही 2024 लोकसभा के चुनाव होने हैं. लिहाजा पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रखेगी। 

कई मंत्रियों के बदले जाने की चर्चा 

प्रदेश अध्यक्ष और दोनों डिप्टी सीएम की तो चर्चा हो गई। मंत्रियों का चेहरा भी आने वाले दिनों में बदला जा सकता है। वैसे मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा पिछले 6 महीने से चल रही है। राष्ट्रीय नेतृत्व का बिहार दौरा हो चुका। मंत्रियों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष अलग से बैठक कर समीक्षा कर चुके हैं। अमित शाह और जेपी नड्डा से साफ कर दिया है कि बिहार में जेडीयू के साथ मिलकर रहेंगे और आगामी चुनाव में साथ रहकर ही मैदान में उतरेंगे। ऐसे में अब संभावना बढ़ गई है कि नीतीश कैबिनेट में जल्द फेरबदल हो। चर्चा है कि नीतीश कैबिनेट में बीजेपी कोटे से शामिल मंत्रियों में बड़े स्तर पर बदलाव होगा। बीमार और नन परफॉरमर मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। मंत्रिमंडल फेरबदल में सामाजिक समीकरण का भी पूरी तरह से ख्याल रखा जायेगा। 

नये प्रभारी आयेंगे या सह-प्रभारी से ही काम होगा? 

बिहार बीजेपी बिना प्रभारी का है। भूपेन्द्र यादव के केंद्रीय मंत्री बनाये जाने के बाद अधिकृत तौर पर बिहार प्रभारी के रूप में कोई नेता कार्य नहीं कर रहे। वैसे दो बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बिहार दौरे पर आ चुके हैं और भाजपा नेताओं के साथ मीटिंग कर चुके हैं। बिहार दौरे पर आये धर्मेंद्र प्रधान ने सीएम नीतीश से भी मुलाकात की थी। वर्तमान में सह प्रभारी हरीश द्विवेदी बिहार में सक्रिय हैं। 30-31 जुलाई को पटना में आयोजित सात मोर्चों के संयुक्त राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक को लेकर हरीश द्विवेदी काफी सक्रिय थे। संजय जायसवाल और हरीश द्विवेदी की जोड़ी ने बिहार में भाजपा का सफल आयोजन कराया। अब देखना होगा कि राष्ट्रीय नेतृत्व बिहार बीजेपी प्रभारी की जिम्मेदारी किनके कंधों पर डालती है, या फिर सह-प्रभारी से काम चलाती है। 








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