वरण्डी नदी के कटाव से इस जिले की परेशानी बढ़ी, हर साल बाढ़ में कई एकड़ जमीन हो जाती है जलमग्न

 वरण्डी नदी के कटाव से इस जिले की परेशानी बढ़ी, हर साल बाढ़ में कई एकड़ जमीन हो जाती है जलमग्न

कटिहार। गंगा, महानंदा, कोशी और वरण्डी नदी से घिरे कटिहार जिला के लिए बाढ़ कटाव एक बड़ी समस्या है,जिसके लिए सरकार बहुत कुछ करने की दावा तो कर रहे हैं लेकिन स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी के सुस्ती से लोगों का हाल बेहाल है, कटाव के दंश झेलते बरारी विधानसभा के सत्तापक्ष के विधायक विजय सिंह ने भी लोगों के इस मुद्दे को विधानसभा में गंभीरता से उठाया है लेकिन नतीजा अब तक सिफर है। जिसको लेकर यहां के लोगों में चिंता नजर आने लगी है।

गंगा, महानंदा और कोसी नदी बाढ़ के दस्तक के दौरान कटाव के कहर के साथ अपने विकराल रूप दिखाते रही है मगर इन दिनों बरारी विधानसभा के वरण्डी नदी की कहर से लोग परेशान हैं, लोगों के माने तो वरण्डी नदी में ही सबसे पहले बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होता है, इसके अलावा पानी बढ़ने के साथ-साथ पानी घटने से भी कटाव तेज हो जाता है,ऐसे में घर मकान ऊपर संकट तो बना हुआ है। सबसे बड़ी समस्या खेतिहर जमीन कट जाने से हो रहा है अगर इस कटाव को तेजी से रोकने की प्रयास नहीं किया गया तो पहले से ही रोजगार के संकट से जूझते लोग और भी बेरोजगार होकर दाने-दाने के मोहताज हो जाएंगे।

 लोग कहते हैं इसे लेकर उन लोगों ने कई स्तर पर गुहार लगाई मगर नतीजा अब तक सफर है, कुछ लोग यह भी मानते हैं सरकार तो प्रयास कर ही रहे हैं मगर स्थानीय प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं हैं जिस कारण यह समस्या विकराल बनते जा रहा है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन में बैठे अधिकारी इस बात से अंजान है। लोगों का कहना है कि पानी के कटाव के कारण जिन लोगों के खेत बर्बाद हो गए, उनको मुआवजा देने की बात कही गई, लेकिन अब तक किसी को इसका लाभ नहीं दिया गया।

बरारी विधानसभा से पहली बार जदयू से विधायक बने विजय सिंह कहते हैं उन्होंने इस बड़ी समस्या को लेकर विधानसभा में भी सवाल उठाए है और उम्मीद है कि जल्द इस पर काम होगा, मगर लोग जो आरोप प्रशासनिक सुस्ती पर लगा रहे हैं वह कुछ हद तक सही भी है क्योंकि सरकार इस मामले में चुस्त है पर स्थानीय प्रशासन को इस विषय पर जितना चुस्त दिखना चाहिए था वैसा कुछ है नहीं।

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