जेपी विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से हटाये गए कई महापुरुषों के नाम, शिक्षा मंत्री बोले बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से नहीं ली गयी सहमति

जेपी विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से हटाये गए कई महापुरुषों के नाम, शिक्षा मंत्री बोले बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से नहीं ली गयी सहमति

PATNA : जेपी विश्वविद्यालय के पीजी राजनीति शास्त्र पाठ्यक्रम में कई बदलाव किये गए हैं. जिसमें बिहार के महापुरुषों का नाम हटाए जाने के मामले का सामने आया है. बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा की मीडिया से शिक्षा विभाग को इस विषय की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा की मीडिया का समाज को लेकर जो दायित्व है वह सही साबित हुआ है. हालाँकि उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग सरकार के अधीन नहीं होता है. विश्वविद्यालय का नियंत्रण राज्यपाल के अधीन होता है. लेकिन राज्य सरकार विश्वविद्यालय के खर्च को देखती है. उन्होंने कहा की 2 दिन पूर्व मीडिया में यह मामला प्रकाश में आया था. इसके पहले बिहार के शिक्षा विभाग को इस पाठ्यक्रम में बदलाव की जानकारी नहीं थी. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी समाचार पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी प्राप्त की थी. जिसकी जानकारी उन्होंने मुझे दी थी. जिसके बाद शिक्षा विभाग के अपर सचिव ने इस पूरे मामले की जानकारी जेपी विश्वविद्यालय के वीसी से मांगा. लेकिन जो जवाब वीसी के द्वारा शिक्षा विभाग को दिया गया. वह संतोषजनक नहीं था. इसलिए पूरे साक्ष्य के साथ आज भी वीसी को शिक्षा विभाग में बुलाया गया था. यह मामला दो से ढाई साल पुराना है. पाठ्यक्रम में संशोधन करने का मामला 2018 का है. इसको लेकर कमेटी का भी गठन किया गया था. पाठ्यक्रम बदलाव को लेकर अनुशंसा कमेटी ने किया था. कमेटी की अनुशंसा के पाठ्यक्रम में जो बिहार के प्रसिद्ध नेताओं के नाम में जो संशोधन किया है वह सही नहीं है. हम इस पाठ्यक्रम के संशोधन को सही नहीं मानते हैं. 

बिहार राज उच्चतर शिक्षा परिषद से सहमति इस विषय पर नहीं ली गई. उन्होंने कहा की राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के विचार के बगैर समाजवाद के पाठ्यक्रम का कोई महत्व नहीं है. अलग इन महापुरुषों के विचार को अलग कर दिया जाए तो समाजवाद की पढ़ाई का कोई अहमियत नहीं है. शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को इस मामले पर निर्देश दिया है. उन्होंने कहा की इस मामले का उदाहरण लेते हुए कोई भी बिहार के विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है तो उसकी जांच करें. बिहार समाजवादी और साम्यवादी विचार का गढ़ है. हिंदी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र के पाठ्यक्रमों की जांच का जिम्मा शिक्षा मंत्री ने विभाग को दिया है. पाठ्यक्रम में बदलाव के पूर्व शिक्षा विभाग को इसकी सूचना विश्वविद्यालय को देना चाहिए था. 

उन्होंने कहा की सरकार इस तरह के गलतियों को सुधारने के लिए पूर्ण रूप से सजग है. वहीँ शिक्षा मंत्री ने कहा की मीडिया मामले का उजागर करने के लिए धन्यवाद के पात्र हैं. बिहार के मिट्टी से जुड़े हुए समाजवादी राजनेताओं के विचार पाठ्यक्रम से नहीं हटाया जा सकता. राज्यपाल ने भी इस समस्या के निदान का भरोसा दिलाया है. जेपी और लोहिया के विचारों की पढ़ाई फिर से पाठ्यक्रम में होगी. इस पूरे मामले पर अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है. पाठ्यक्रम में जो बदलाव किया गया है उसकी जांच चल रही है. इस मामले की क्या कुछ सच्चाई है पूरी जांच के बाद पता चलेगा. 

पटना से निखिल गौरव की रिपोर्ट 

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