नरक चतुर्दशी आज: क्यों निकाला जाता है यम के नाम का दीपक, जानें खास दिन से जुड़ी पौराणिक कथा और पूजन का शुभ मुहूर्त

नरक चतुर्दशी आज: क्यों निकाला जाता है यम के नाम का दीपक, जानें खास दिन से जुड़ी पौराणिक कथा और पूजन का शुभ मुहूर्त

N4N DESK: न्यूज4नेशन टीम की ओर से आप सभी को छोटी दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं। 5 दिवसीय दीपों के उत्सव की शुरूआत धनतेरस के साथ हो गई है। देशभर में कल का दिन खरीदारी और निवेश को समर्पित रहा। भारतीयों ने खरीदारी में अपने ही बनाए पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा और जमकर खरीदारी की, जिससे दुकानदारों सहित बाजार में रौनक नजर आई। इसके बाद का दिन, यानी की आज, छोटी दिवाली कहलाता है। इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं।

यम की पूजा कर निकालते हैं दीपक

हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन दीपावली मनाई जाती है। बड़ी दीपावली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है। छोटी दिवाली की मान्यताएं काफी अलग है। 

इस दिन रात को घरों में यमराज की पूजा की जाती है। छोटी दीपावली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। छोटी दिवाली की रात को घर के सबसे बड़े सदस्य दीप जलाकर दीप को पूरे घर में घुमाते हैं। इसके बाद उस दीप को घर के बाहर कहीं दूर रख दिया जाता है। इसे यम का दीया कहते हैं।

भगवान कृष्ण की उपासना का भी महत्व

हिन्दी मान्यताओं के अनुसार, नरकासुर ने वैदिक देवी अतिथि के सम्राज को हड़प लिया था। उसने बहुत सी महिलाओं को प्रताड़ित भी किया था। नरकासुर के खिलाफ भगवान कृष्ण और सत्यभागा में संघर्ष किया और युद्ध में मार गिराया। वहीं नॉर्थ ईस्ट इलाके लोगों का मानना है कि नरकासुर का वध काली देवी ने किया था। यही कारण है कि छोटी दिवाली के दिन काली मां की पूजा भी की जाती है।

जानें दीपक जलाने की सही विधि

नरक चतुर्दशी पर मुख्य दीपक लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए जलता है। इसको यमदेवता के लिए दीपदान कहते हैं। घर के मुख्य द्वार के बाएं ओर अनाज की ढ़ेरी रखें। इस पर सरसों के तेल का एक मुखी दीपक जलाएं। दीपक का मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। अब वहां पुष्प और जल चढ़ाकर लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।

छोटी दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त 

पंचांग के अनुसार, छोटी दिवाली 3 नवंबर दिन बुधवार को है। इस दिन अभयंग स्नान अनुष्ठान करने के लिए शुभ समय सुबह 05.40 बजे से 06.03 बजे तक है। हनुमान जयंती की पूजा सुबह 9 बजकर 02 मिनट के बाद कर सकते हैं। शाम को यम दीपक जलाने के लिए शुभ समय शाम 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक रहेगा।


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