नवादा के रेलवे कॉलोनी में बंगाली रीति रिवाज से मनाई जाती है नवरात्री, महिलाओं ने सिंदूर की होली खेलकर दी माँ को विदाई

नवादा के रेलवे कॉलोनी में बंगाली रीति रिवाज से मनाई जाती है नवरात्री, महिलाओं ने सिंदूर की होली खेलकर दी माँ को विदाई

NAWADA : नवादा में हर साल रेलवे कॉलोनी में नवरात्रि के समय बंगाली रीति रिवाज से धूमधाम से दुर्गा पूजा बंगाली विधि विधान के साथ किया जाता है। पूजा समिति के अध्यक्ष चंद्रिका यादव ने बताया कि में नवरात्रि के नौ दिन पूजा-पाठ के बाद दशमी के दिन सिंदूर खेलने की परंपरा है। इसे सिंदूर खेला व सिंदूर उत्सव के नाम से जाना जाता है। इस दिन शादीशुदा महिलाएं एक-दूसरे के साथ सिंदूर की होली खेलती हैं। 

ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा 10 दिन के लिए अपने मायके आती हैं। इसलिए जगह-जगह उनके पंडाल सजते हैं। इन नौ दिनों में मां दुर्गा की पूजा और आराधना की जाती है और दशमी पर सिंदूर की होली खेलकर मां दुर्गा को विदा कर दिया जाता है। विदाई के वक्त महिला लोग काफी भावुक हो जाती है। दुर्गा पूजा की रौनक देखती ही बनती है। 

नवादा में एकमात्र जगह रेलवे कॉलोनी में इस तरह का कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। यहां बंगाली रीति रिवाज के साथ पूजा अर्चना किया जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन पान के पत्ते से मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं। उसके बाद एक दूसरे को सिंदूर लगाती हैं और एक-दूसरे को सौभाग्‍यवती होने की शुभकामनाएं देती हैं। कहा जाता है कि मां दुर्गा मायके से विदा होकर जब ससुराल जाती हैं तो सिंदूर से उनकी मांग भरी जाती है।

नवादा से अमन सिन्हा की रिपोर्ट

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