भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में एनसीपी चीफ शरद पवार से हुई पूछताछ, बन सकती है बड़ी मुसीबत

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में एनसीपी चीफ शरद पवार से हुई पूछताछ, बन सकती है बड़ी मुसीबत

DESK. एनसीपी चीफ शरद पवार से भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गुरुवार को पूछताछ हुई। जांच आयोग ने पूछताछ के बाद उनका बयान दर्ज किया। आयोग ने पवार से पहले सवाल के रूप में पूछा कि अगर कोई शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहा है और उसमें कुछ आसामाजिक तत्व आ जाए और वे गड़बड़ी करने लगे तो यह किसकी जिम्मेदारी होगी? जिसका जवाब देते हुए शरद पवार ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन करे ताकि किसी भी तरीके से शांति भंग न की जा सके।

जांच कमिशन ने एक अन्य सवाल के जवाब में पूछा कि तीन जनवरी 2018 में जब प्रकाश अंबेडकर ने महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया था तब दंगे होने से सरकारी और निजी संपत्ति को काफी नुकसान हुआ, ऐसे में कौन जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इसका जवाब देते हुए पवार ने कहा कि मैं किसी भी विशेष घटना पर अपनी राय नहीं दे सकता, क्योंकि यह मामला भी कोर्ट में  न्यायाधीन है। 

जांच टीम के सदस्यों ने अगले सवाल में एनसीपी चीफ से पूछा कि क्या जांच आयोग को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में जांच या सुझाव के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस  और प्रकाश अंबेडकर को बुलाया जाना चाहिए? जिसका जवाब देते हुए शरद पवार ने कहा कि आयोग अपनी जांच के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। अगर जांच टीम को लगता है कि भविष्य में इस तरह के दंगे जैसी स्थिति रोकने में सुझाव मिल सकता है तो किसी को भी समन जारी कर सकता है। यह उसका अधिकार है।


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