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10 लाख की सुपारी देकर की गई थी निलेश मुखिया की हत्या, घर से लेकर ऑफिस तक की हर गतिविधि पर रखी जा रही थी नजर

10 लाख की सुपारी देकर की गई थी निलेश मुखिया की हत्या, घर से लेकर ऑफिस तक की हर गतिविधि पर रखी जा रही थी नजर

PATNA : निलेश मुखिया की मौत को 15 दिन से ज्यादा का समय गुजर चुका है और अब धीरे-धीरे उनकी हत्या से जुड़े राज से पर्दा हटने लगा है। बताया जा रहा है कि निलेश मुखिया की हत्या के लिए दस लाख की सुपारी दी गई थी। यह सुपारी देनेवाला लाल रंग की थार का मालिक है। यह भी जानकारी सामने आई है कि जिस दिन निलेश मुखिया को गोली मारी गई, उसी दिन यह लाल रंग की थार उनके घर के आसपास ही मंडरा रही थी। वहीं दूसरी तरफ एक सफेद रंग की एसवीयू निलेश के ऑफिस के बाहर मौजूद थी, जिसमें दो लोग मौजूद थे।  वहीं दो बाइक पर सवार चार शूटरों इमरान, क्योस, राजा और अरबाज ने सात गोलियां निलेश के शरीर के अलग-अलग हिस्से में मारी थीं।



पुलिस की गिरफ्त में आए राजा और शाहनवाज ने पूछताछ में बताया है कि उसने सिर में सटाकर गोली मारी थी, पर वह फंस गई। इस वजह से उनकी मौत मौके पर नहीं हुई। उसने बताया कि निलेश की हत्या की यह दूसरी कोशिश थी। हादसे से एक सप्ताह पहले दो शूटरों इमरान और क्याेस ने निलेश का पीछा किया था, लेकिन वे एक निजी स्कूल के अंदर चले गए थे।






बिहार शरीफ में जाकर छिपे

निलेश मुखिया की हत्या में चार शूटर, दाे लाइनर और एक अन्य शामिल था। शूटर और लाइनर गोरियाटोली और निरालानगर में ठहरे थे। 31 जुलाई को निलेश को गोली मारने के बाद चारों शूटर बोरिंग रोड, आयकर गोलंबर, कोतवाली, बुद्धमार्ग, जीपीओ फ्लाईओवर, मीठापुर बस स्टैंड होते न्यू बाइपास पर गए और महादेव स्थान के पास खाजेकलां के रहने वाले मो. कैस को बुलाकर हथियार और मैग्जीन थमा दी। फिर चारों बिहारशरीफ स्थित राजा के घर पहुंच गए।



बाद में शाहनवाज और छोटू उर्फ अजहर भी वहां पहुंच गए। उसी दिन शाम 7 बजे सभी बिहारशरीफ से बस पकड़कर कोलकाता चले गए और वहां धर्मतला के होटल अंबर पैलेस में दो कमरे लेकर ठहरे। 4 अगस्त तक इसी हाेटल में सभी रुके रहे। 5 अगस्त को राजा बिहारशरीफ आ गया।



अन्य अलग-अलग ठिकानों पर चले गए। चार दिन बिहारशरीफ में रहने के बाद राजा फिर 9 अगस्त को कोलकाता चला गया और 10 अगस्त को पहुंचा। वहां से दिल्ली भागने वाला था, लेकिन लखनऊ में ट्रेन में ही पुलिस ने दबोच लिया। इससे पहले शाहनवाज को पुलिस ने मुंगेर में उसकी मौसी के घर से दबोचा था।



तीन लोगों के खिलाफ किया है केस

इधर, पुलिस ने उस एसवीयू कार के मालिक से पूछताछ की है। उसने कहा कि मेरा परिचित उस दिन कार ले गया था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस जल्द ही लाल थार के मालिक से पूछताछ करेगी। इस मामले में निलेश के भाई सुरेश ने तीन भाइयों पप्पू, धप्पू और गौरव राय को नामजद आरोपी बनाया है। पुलिस की जांच में भी इन तीनों के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस ने इनकी कुर्की जब्ती के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है। एक-दो दिन में वारंट मिल सकता है। उधर, पुलिस का दावा है कि जो भी शूटर और लाइनर फरार चले रहे हैं, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।




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