नीट में बिहार के टॉप स्टूडेंट्स राज्य के मेडिकल कॉलेज में पढ़ना नहीं चाहते, जानिए कितने टॉपर बाहर चले गए....

नीट में बिहार के टॉप स्टूडेंट्स राज्य के मेडिकल कॉलेज में पढ़ना नहीं चाहते, जानिए कितने टॉपर बाहर चले गए....

डेस्क... नीट में बिहार के टॉप स्टूडेंट्स राज्य के मेडिकल कॉलेज में पढ़ना नहीं चाहते हैं। इस बार स्टेट के टॉप 20 में से किसी भी स्टूडेंट ने स्टेट कोटे की 85% सीटों पर एडमिशन नहीं लिया है। टॉप फिफ्टी में केवल 23वां और 47वां स्टेट रैंक हासिल करने वाले स्टूडेंट ने स्टेट कोटे के तहत एडमिशन लिया है।वहीं 50 से 100 रैंक के बीच सिर्फ 17 स्टूडेंट्स ने स्टेट कोटे के तहत एडमिशन लिया है। 

राज्य के 85% सीटों पर टॉप 100 में शामिल 19 स्टूडेंट ने स्टेट कोटे के तहत एडमिशन लिया है। स्टेट कोटे में 50 के 100 के बीच 60, 63, 64, 72, 74, 75, 80, 84, 86, 89, 91, 92, 93, 95, 96, 98 और 99 रैंक हासिल करने वाले स्टूडेंट्स ने स्टेट कोटे के तहत एडमिशन लिया है। 

बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद ने 564 ऐसे स्टूडेंट्स के नाम जारी किए हैं जो अब स्टेट कोटे के किसी भी एडमिशन और ऑनलाइन काउंसलिंग में शामिल नहीं हो सकते हैं। बीसीईसीईबी ने कहा है कि बिहार के 10310 स्टूडेंट्स में से 564 मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की ओर से ऑल इंडिया के 15% कोटे के आधार पर एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन ले चुके हैं। इस कारण यह सभी 564 स्टूडेंट्स स्टेट की 50% सीटों पर एडमिशन के लिए सेकंड राउंड या अन्य कोई भी काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।  

गौरतलब है कि राज्य की 85% मेडिकल सीटों पर एडमिशन के लिए बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद में मेरिट लिस्ट 18 नवंबर को जारी किया था। लिस्ट में इस बार बिहार को कट ऑफ 720 अंकों में 696 अंक रहा 696 अंक प्राप्त करने वाली आस्था सिन्हा बीसीईसीईबी टॉपर हुई हैं। उसे नीट में ऑल इंडिया 118 अंक प्राप्त हुआ है। 

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