नीतीश कुमार हाय हाय, हाय हाय, हाय हाय ... शिक्षा मंत्री शर्म करो ! केके पाठक के शिक्षकों को गाली देने के मामले में विधानसभा में फूटा विपक्ष का गुस्सा

नीतीश कुमार हाय हाय, हाय हाय, हाय हाय ... शिक्षा मंत्री शर्म

पटना. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के शिक्षकों को गाली और अपशब्द बोलने के वायरल वीडियो पर गुरुवार को विधानसभा में भारी हंगामा हुआ. प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया. हालांकि स्पीकर नंद किशोर यादव ने विपक्ष को शून्य काल में इस मुद्दे को उठाने को कहा. वहीं विपक्ष अपने मुद्दे को लेकर लगातार टोकाटाकी करता रहा. इस बीच सदन में विपक्ष के हंगामे को देखते हुए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पूरे मामले पर बयान दिया. उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही विधानमंडल के उच्च सदन यानी विधान परिषद में यही मुद्दा उठाया गया था. वहां भी कई सदस्य वीडियो को सदन में चलाने की बात कर रहे थे. लेकिन यह संसदीय परम्परा के विरुद्ध है. उन्होंने कहा कि परिषद में सभापति ने जांच के लिए टीम गठित की है. उनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी. 

वहीं शिक्षा मंत्री के जवाब से बिफर विपक्ष जोरदार हंगामा करने लगा. विपक्षी सदस्यों ने आसन के सामने आकर नीतीश कुमार हाय हाय, हाय हाय, हाय हाय के नारे लगाए. साथ ही शिक्षा मंत्री शर्म करो के नारे भी काफी देर तक लगते रहे. वहीं विपक्षी सदस्यों को बार बार आसन की ओर से अपने जगह पर जाने का निर्देश दिया गया. स्पीकर नंद किशोर यादव ने कहा कि उच्च सदन के रिपोर्ट आने दीजिये उसके बाद ही यहां इस पर आगे चर्चा होगी. हालांकि सदन में नीतीश कुमार हाय हाय, हाय हाय, हाय हाय ... शिक्षा मंत्री शर्म करो के नारे लगते रहे. 

इसके पहले पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखऱ ने केके पाठक के उक्त वीडियो को मोबाइल के माध्यम से दिखाने लगे. साथ ही राजद-कांग्रेस के कई विधायक खड़े होकर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. इसके बाद शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने इस पर गहरी नाराजगी जताई और पूर्व शिक्षा मंत्री को नियम का पाठ पढ़ाया. सरकार की तरफ से उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने पूर्व शिक्षा मंत्री को नियम-कानून का पाठ पढ़ाया. उन्होंने कहा कि डॉ चंद्रशेखर से अनुरोध करना चाहते हैं, आप शिक्षा मंत्री रहे हैं. मोबाइल का वीडियो बिना अध्यक्ष की इजाजत के नहीं दिखाया जाता है. वह भी प्रेस गैलरी की तरफ देखकर आप दिखा रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि आप जो वीडियो दिखा रहे हैं, जिसमें एक अधिकारी द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्द प्रयोग करने का आरोप है. हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि कोई भी अधिकारी आम आदमी के खिलाफ भी अपशब्द का प्रयोग नहीं कर सकता. शिक्षक और विधायकों की बात ही छोड़ दीजिए। हमने विधान परिषद में कहा था और आसान से आग्रह किया था कि आप टेप खुद देख लें. उच्च सदन के सभापति को वह टेप उपलब्ध है .सरकार की तरफ से उनको अधिकृत कर दिया गया है कि आप स्वयं टेप देख लें और आपकी जो अनुशंसा होगी सरकार मानेगी.