भारत रत्न पुरस्कार पर राजनीति करने वालों को नित्यानंद राय ने दी नसीहत, कहा- सम्मान पर ओछी राजनीति करने से बाज आये विपक्ष

भारत रत्न पुरस्कार पर राजनीति करने वालों को नित्यानंद राय ने दी नसीहत, कहा- सम्मान पर ओछी राजनीति करने से बाज आये विपक्ष

PATNA : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने बिना नाम लिए भारत रत्न पुरस्कार को लेकर आलोचना करने वालों पर करारा वार किया है। नित्यानंद राय ने कहा कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। इसके ऊपर किसी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए। यह दुख की बात है कि कुछ राजनीतिक दल इस पर भी छींटाकशी से बाज नहीं आ रहे हैं। भाजपा हमेशा ही देश के सर्वोच्च पुरस्कार को ओछी राजनीति से परे रखने की वकालत करती है।

भाजपाई लोगों को भारत-रत्न देने के आरजेडी के आरोपों पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष ने तल्ख सुर में कहा-उनको पहले तथ्यों को जानना चाहिए और फिर इस तरह के आरोप लगाने चाहिए। एनडीए-1 और एनडीए-2 में जिन लोगों को भारत रत्न दिया गया है, उन नामों की सूची उठाकर देखिए। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को छोड़कर किसी का भाजपा से क्या संबंध है? अगर उनका इशारा नानाजी देशमुख की तरफ है, तो यह जान लें कि नानाजी जनसंघ से जुड़े भी थे, बाद में तो वह राजनीति से अलग हट गए थे और ग्रामीण विकास के प्रकल्प में काम करने लगे थे। अटलजी और नानाजी का राष्ट्र के प्रति योगदान यदि किसी को नज़र नहीं आता, तो उसे आंखों का इलाज कराने की जरूरत है।

बिहार के विभूतियों का सम्मान

इस बार के पद्म पुरस्कारों के लिए भी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद दिया कि उन्होंने बिहार की ज़मीनी विभूतियों का सम्मान किया है। नित्यानंद राय ने यह भी कहा कि गणतंत्र हमारी आस्था और आशाओं का परिचायक है और यह गणतंत्र की ही ताकत है कि आज गरीब से गरीब व्यक्ति भी देश के सर्वोच्च पदों पर पहुंच सकता है, उसके सपने देख सकता है। 

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