नाबालिग से गैंगरेप के बाद हत्या मामले में अभियुक्तों की नहीं हुई गिरफ्तारी, कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर

नाबालिग से गैंगरेप के बाद हत्या मामले में अभियुक्तों की नहीं हुई गिरफ्तारी, कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर

पटना. हाईकोर्ट में एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप और हत्या के नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए एक याचिका दायर की गई है। मृतिका संध्या कुमारी के परिजनों ने ये याचिका पटना हाईकोर्ट में दायर की है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ओम प्रकाश ने बताया कि मुजफ्फरपुर थाना कांड संख्या 258/22, धारा- 363, 364, 376, 302, 328 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 एवं 8 में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए ये याचिका दायर की गई है। याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया है कि केस में नामजद अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए एवं इस केस की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए। साथ ही इस केस में कार्रवाई नहीं कर रहे पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई चलाई जाए।

अधिवक्ता ओम प्रकाश ने बताया कि दिनांक 26 अप्रैल, 2022 को याचिकाकर्ता की पुत्री अपने घर से बाहर गयी थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजन वालों ने अपनी पुत्री को बहुत खोजने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिली। उसी दिन रात 12.47 बजे एक कॉल आया, जिसमें याचिकाकर्ता की पुत्री की आवाज सुनाई दी और वह दर्द से कराह रही थी। इसके बाद फोन कट गया और पुनः प्रयास करने पर मोबाइल बंद मिला।

सुबह में ग्रामीणों ने बताया कि याचिकाकर्ता की पुत्री की मृत शरीर पोखर में पड़ा मिला। इसके बाद परिजनों ने घटना स्थल पर जाते समय देखा कि गांव के ही मो. वसीम खान के द्वारा याचिकाकर्ता की पुत्री को बोलेरो कार से लेकर कहीं ले जाया जा रहा है। वह बोलेरो मोहम्मद वसीम के घर पर जाकर रुकती है और फिर मोहम्मद वसीम के परिवार वाले गाड़ी में बैठते हैं।

उसके बाद वैष्णवी हॉस्पिटल, मुजफ्फरपुर याचिकाकर्ता की पुत्री को लेकर जाते हैं, जहां याचिकाकर्ता की पुत्री के परिजन भी पहुंचते हैं। अपनी पुत्री से बात करते हैं, तो याचिकाकर्ता की पुत्री द्वारा बताया जाता है कि लगभग 8 लोग द्वारा उसके साथ बलात्कार किया गया और जहर पिलाया गया। 

इसमें संध्या ने चार लोगों का नाम भी लिया था। इसमें से एक व्यक्ति मोहम्मद वसीम खान को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन अभी भी तीन नामजद अभियुक्त पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं। अधिवक्ता ने अपनी याचिका में मुजफ्फरपुर पुलिस के कार्यशैली पर भी सवाल उठाया है और ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रहे पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने की भी मांग की है।


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