भूमिहार नहीं भूलेगा 1990 से 2005 का लालूराज, राजद के भूमाई समीकरण पर सांसद चंदन ने तेजस्वी को लिया आड़े हाथों

भूमिहार नहीं भूलेगा 1990 से 2005 का लालूराज, राजद के भूमाई समीकरण पर सांसद चंदन ने तेजस्वी को लिया आड़े हाथों

नवादा : राजद के भूमिहार, यादव और मुस्लिम समुदाय के गठबंधन को मजबूत करने की राजनितीक पहल पर नवादा सांसद चंदन सिंह ने तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला है. रालोजपा नेता चंदन सिंह ने भूमाई समीकरण पर तेजस्वी को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा है कि भूमिहार समाज के लोगों को पता है कि 1990 से 2005 तक भूमिहार भाईयों के साथ क्या हुआ? यह किसी से छिपा हुआ नहीं है। 

उन्होंने कहा कि नेचर और सिग्नेचर किसी का बदलने वाला नहीं है. इसलिए तेजस्वी की सरकार आती है तो 1990 से 2005 तक भूमिहार के साथ जो हुआ, वही फिर होगा। भूमिहार शिक्षित समझदार हैं. सांसद ने कहा कि सवर्णों को समझाने की आवश्यकता नहीं है और वे कदापि राजद के साथ नहीं जाएंगे और राजद को सात जन्म तक माफ नहीं करेंगे.

पहले भी बीजेपी के साथ भूमिहार थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे. जब सवर्णों को दस फीसद आरक्षण देने की बात आई तो मोदी सरकार ने यह काम किया. तब किसी पार्टी ने सवर्णों को आरक्षण देने का विरोध नहीं किया. लेकिन तेजस्वी ने इसका विरोध किया था. उन्होंने कहा कि 90 के दशक में बिहार में हुए नरसंहार को भूमिहार कभीं नहीं भूल सकते हैं. आज कई लोग जेल में हैं.

राजद के भूमाई समीकरण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दो-चार लोगों के बोलने से भूमिहार समाज कहीं नहीं चलेगा. इस जन्म में तो यह कभी संभव नहीं होगा. गौरतलब है कि तेजस्वी यादव लगातार भूमिहार समाज को अपने साथ लाने के लिए पहल किए हुए है. हाल में 24 एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में राजद ने 5 भूमिहार को उम्मीदवार बनाया था जिसमे 3 की जीत हुई. इसी तरह बोचहा विधानसभा उपचुनाव में राजद के अमर पासवान को मिली जीत के पीछे भी भूमिहार वोटरों का राजद को समर्थन माना गया. हालांकि चंदन सिंह ने तेजस्वी के भूमाई समीकरण को सिरे से नकार दिया है. 


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