सुरक्षा दिवस के दिन स्कूल के शिक्षक ने दिव्यांग नाबालिक छात्रा की लूटी अस्मत, स्कूल प्रबंधन मामले को दबाने में लगा रहा, अब हुआ बवाल

सुरक्षा दिवस के दिन स्कूल के शिक्षक ने दिव्यांग नाबालिक छात्रा की लूटी अस्मत, स्कूल प्रबंधन मामले को दबाने में लगा रहा, अब हुआ बवाल

KATIHAR : कटिहार में एक शिक्षक की "डर्टी क्लास की करतूत" सुनकर सहम उठेंगे आप... क्योंकि शिक्षा के मंदिर में एक शिक्षक ने अपने ही विद्यालय के कक्षा  छह के छात्रों के साथ जो दरिंदगी का खेल खेला है उसकी सजा जितनी भी हो शायद कम ही होगा,कटिहार सहायक थाना क्षेत्र के बीएमपी 7 आदर्श मध्य विद्यालय के एक शिक्षक ने  विद्यालय में ही दिव्यांग छात्रा को अपने हवस के शिकार बनाकर 'गुरु-शिष्य' के रिश्ते को तार-तार कर दिया है। फिलहाल आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कर रही है।

वैसे तो हमारे देश और समाज को निर्माण में शिक्षकों की भूमिका हमेशा सराहनीय रहा है और शिक्षक को समाज निर्माण के सबसे प्रमुख शिल्पकार माना गया है मगर कटिहार से एक शिक्षक के 'डर्टी क्लास' का ऐसा करतूत सामने आया है जिसे सुनकर आप भी कहेंगे इस शिक्षक को ऐसी सजा दो की वह नजीर बन जाए, कटिहार बीएमपी 7 आदर्श मध्य विद्यालय के अंग्रेजी विषय के शिक्षक रंजीत कुमार ठाकुर पर संगीन आरोप लगा है, आरोप है कि 19 नवंबर शनिवार जिस दिन विद्यालय में सुरक्षा दिवस मनाया जा रहा था, उसी दिन शिक्षक रंजीत कुमार ने अपने विद्यालय के ही कक्षा 6 के दिव्यांग छात्रा को हवस का शिकार बनाया,

प्रधान शिक्षिका ने दुष्कर्मी शिक्षक को डांट कर छोड़ा

पीड़ित छात्रा ने इसकी शिकायत सबसे पहले विद्यालय के प्रधान शिक्षिका से ही किया था, जिसके बाद प्रभारी शिक्षिका ने आरोपी शिक्षक को सभी शिक्षिका और शिक्षक की मौजूदगी में कड़ी हिदायत देते हुए विद्यालय नहीं आने के आदेश के साथ इसकी सूचना विभाग को भी दिया था।  मगर शनिवार के इस घटना के बाद रविवार को छात्रा ने जब अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी तो भूचाल आ गया है, पीड़ित छात्रा के परिजनों ने सहायक थाना पहुंचकर आरोपी शिक्षक के बारे में शिकायत किया है और आरोपी के गिरफ्तारी के मांग करने लगे।

 सोमवार को मामले को लेकर विद्यालय के सामने ही लोगों ने सड़क जाम कर इस कलंक कथा पर जोरदार तरीके से विरोध करते हुए आरोपी शिक्षक के लिए कड़ी से कड़ी सजा के मांग करने के साथ-साथ विद्यालय के अन्य शिक्षक और शिक्षिकाओ की मौजूदगी के बावजूद कैसे शिक्षा के मंदिर में इस दरिंदगी का खेल रचा गया है इस पर भी सवाल खड़ा करते हुए बवाल मचाया, बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद सड़क जाम को हटाया गया।

कटिहार इस कलंक कथा के मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, प्रथम दृष्टा में पुलिस भी प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले को सच मानते हुए मामले पर स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी शिक्षक को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कर रहे हैं।

_शिक्षा के मंदिर में हैवानियत के इस खेल से पूरे कटिहार सहमे हुए है, लोग सवालिया लिहाज में बार-बार अपने आप से ही पूछ रहे हैं कि अगर कोई मासूम छात्रा अपने विद्यालय में अपने गुरु से ही असुरक्षित हो जाए तो समाज में शिक्षा के लौ जलाने खासकर बिहार की बेटियों को शिक्षित करते हुए अशिक्षा का अंधेरा दूर करने की जो सपना देखा जा रहा है वह कैसे पूरा होगा।


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