विपक्षी नेताओं ने 'नीतीश' की नहीं ली नोटिस ! दिल्ली में भाव नहीं मिलने पर JDU ने विपक्ष को चेताया- गोलबंद नहीं हुए तो गुजरात की तरह होगी हार

विपक्षी नेताओं ने 'नीतीश' की नहीं ली नोटिस ! दिल्ली में भाव नहीं मिलने पर JDU ने विपक्ष को चेताया- गोलबंद नहीं हुए तो गुजरात की तरह होगी हार

पटना. भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता का बीड़ा उठाने वाले नीतीश कुमार को तीन महीने में खास सफलता मिलते हुई नहीं दिखी। बिहार के मुख्यमंत्री ने सोनिया गांधी से लेकर शरद पवार,अरविंद केजरीवाल समेत देश भर के कई नेताओं से मुलाकात कर विपक्षी एकता की बात की. विपक्षी एकता की बात एक कदम आगे तो बढ़ी, फिर दो कदम पीछे चली गई है. भाजपा को चक्रव्यूह में घेरने का नीतीश फ्लान अब तक विफल साबित रहा है। सोनिया गांधी से मुलाकात में ज्यादा रिस्पांस नहीं मिलते देख सीएम नीतीश चुप हो गए हैं. नीतीश कुमार ने तो अब दिल्ली की दौड़ लगा रहे और न सार्वनिक तौर पर विपक्षी एकता की बात कर रहे। हालांकि पटना में आयोजित जेडीयू राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मीटिंग में भाजपा विरोधी दलों को कड़ा मैसेज देने की जरूर कोशिश की गई है। 

जेडीयू ने विपक्षी नेताओं को फिर से किया आगाह 

पटना में आज शनिवार को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद जेडीयू राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि भाजपा को जिन राज्यों में आमने-सामने की लड़ाई का सामना करना पड़ा है वहां बीजेपी की हार हुई है. इसलिए विपक्ष को एकजुट करने की जरूरत है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसे लेकर लगातार सम्पर्क कर रहे हैं. जदयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने पटना पहुंचे केसी त्यागी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए नीतीश कुमार की विपक्षी एकता की मुहिम को जरूरी बताया.  उन्होंने कहा कि जदयू राष्ट्रीय परिषद की बैठक के पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारी की बैठक हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मिशन 2024 के लिए विपक्ष को एकजुट करने की पहल को लेकर भी चर्चा हुई है. हालिया सम्पन्न हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के MCD चुनाव का जिक्र करते हुए त्यागी ने कहा कि भाजपा को इन जगहों पर आमने-सामने की लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा. इसलिए सभी लोगों को एक मंच पर लाने की कवायद जारी रहेगी. त्यागी ने विपक्ष को आगाह करते हुए कहा कि अगर सभी लोग एक मंच पर नहीं आएंगे तो गुजरात जैसे परिणाम होंगे. 


नीतीश प्लान फेल!

बता दें, एनडीए से अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने ऐलान किया था कि वे 2024 में पीएम मोदी के विजय रथ को रोक देंगे। इसके लिए वे देश भर के विपक्षी नेताओं को एकजुट करेंगे। नीतीश कुमार ने इसकी शुरूआत पटना में तेलंगाना के सीएम केसीआर से मुलाकात कर की थी। केसीआर 31 अगस्त को पटना आये थे और नीतीश-तेजस्वी के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर अपने मिशन का खुलासा किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष की गोलबंदी को लेकर दो दफे दिल्ली दौरा कर चुके हैं. 6 सिंतंबर को सीएम नीतीश विपक्षी नेताओं से मुलाकात करने दिल्ली गए थे. 3 दिवसीय दिल्ली दौरे पर गए नीतीश कुमार ने सबसे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कर्नाटक के पूर्व CM और JDS नेता एचडी कुमारस्वामी, CPI(M) महासचिव सीताराम येचुरी,सीपीआई के महासचिव डी राजा, दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल,NCP सुप्रीमो शरद पवार, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने कहा था कि हमें पीएम बनने की कोई इच्छा-लालसा नहीं है। हमारी कोशिश है कि विपक्षी नेताओं को एकजुट किया जाय ताकि 2024 के चुनाव में भाजपा को शिकस्त दिया जा सके। 

सोनिया गांधी से मुलाकात की तस्वीर भी जारी नहीं कर सके नीतीश 

एनडीए से अलग होने के बाद पहली दफे दिल्ली दौरे पर गए सीएम नीतीश कुमार को सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं पाई थी। सोनिया से मुलाकात करने नीतीश कुमार दूसरी दफे 25 सितंबर को दिल्ली गए। इस दौरान वे अपने बड़े भाई लालू प्रसाद के साथ गए थे। हालांकि सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान कोई तस्वीर को सार्वजनिक नहीं किया गया। सोनिया गांधी के आवास से बाहर निकलने पर लालू प्रसाद और नीतीश कुमार ने हाथ उठाकर जरूर विपक्षी एकता की बात की थी। 



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