रामचरित मानस नफरत फैलानेवाले बयान पर शिक्षा मंत्री का उनकी ही पार्टी में शुरू हुआ विरोध, पार्टी के जिलाध्यक्ष ने बहुत बोला

रामचरित मानस नफरत फैलानेवाले बयान पर शिक्षा मंत्री का उनकी ही पार्टी में शुरू हुआ विरोध, पार्टी के जिलाध्यक्ष ने बहुत बोला

SASARAM :  खबर रोहतास से है। यहां शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के रामचरित मानस को लेकर दिए गए बयान पर  रोहतास जिला राष्ट्रीय जनता दल के जिलाध्यक्ष गिरजा चौधरी ने कहा है कि रामचरित मानस हिंदुओं का धार्मिक ग्रंथ है और किसी भी धार्मिक ग्रंथों को लेकर इस तरह के बयान नहीं देना चाहिए। 

उन्होंने सासाराम में कहा कि उस ग्रंथ से हिंदुओं की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में रामचरित मानस को लेकर बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री एक जिम्मेदार पद पर हैं और ऐसे ग्रंथों पर सोच समझकर बयान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रामचरित मानस के कुछ चौपाई को आधार बनाकर मंत्री ने बयान दिया है। लेकिन इस पर वो टीका टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं।

बता दें कि नालंद ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री ने रामायण की एक चौपाई का जिक्र करते हुए इसे समाज में नफरत फैलानेवाला ग्रंथ करार दिया था, जो पिछड़ों को सम्मान नहीं देती है। शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद देश भर में उनके खिलाफ विरोध शुरू हो गया। यहां तक कि जदयू ने उनके बयान को गलत बताते हुए माफी मांगने की बात कही थी। हालांकि राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री का समर्थन किया। लेकिन अब धीरे-धीरे राजद में ही शिक्षा मंत्री के बयान को लेकर नेताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जिसके बाद राजद नेतृत्व पर दबाब लगागार बढ़ रहा है।

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