नीति आयोग की रिपोर्ट में फिसड़्डी बताए जाने के बाद एकजुट हो रहे हैं सूबे की सीमाओं से जुड़े जिलों के संगठन, फिर से गरमाया "सीमांचल" का मुद्दा

नीति आयोग की रिपोर्ट में फिसड़्डी बताए जाने के बाद एकजुट हो रहे हैं सूबे की सीमाओं से जुड़े जिलों के संगठन, फिर से गरमाया "सीमांचल" का मुद्दा

KATIHAR : नीति आयोग की रिपोर्ट में विकास के मामले में बिहार के सीमांचल इलाके के जिला अररिया,कटिहार किशनगंज फिसड्डी साबित होने के बाद अब इस मुद्दे को लेकर कई संगठन सीमांचल के अलग विकास के मुद्दे पर गैर राजनीतिक संगठन बनाकर आने वाले दिनों में लोगों को एकजुट कर आंदोलन की धमकी दे रहे हैं।

इसी कड़ी में कटिहार में सीमांचल सेना के अध्यक्षता करते हुए राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष राहत कादरी ने बताया कि यह एक गैर राजनीतिक संगठन है और यह लगातार सीमांचल के विकास के मुद्दे पर संघर्ष करेंगे।  उन्होंने कहा कि जो रिपोर्ट सामने आई है, उनमें बिहार की सीमा से सटे तीनों जिलों के प्रदर्शन को सबसे ज्यादा पिछड़ा हुआ बताया गया है। रिपोर्ट बताता है कि इन जिलों के विकास के लिए न तो बिहार सरकार ने और न ही केंद्र सरकार कभी गंभीर रहा है। ऐसे में अब समय आ गया है कि बिहार से अलग सीमांचल के गठन पर विचार किया जाए, ताकि इन जिलों के विकास का काम तेजी से हो सके। 



सीमांचल सेना के गठन की तैयारी

राहत कादरी ने कहा कि इन तीन जिलों के कई पार्टियों के लोगों ने अपने में एक सहमति बनाई कि सीमांचल के विकास के लिए एक सेना का गठन किया जाए। इस सेना का नाम सीमांचल सेना नाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सेना सीमांचल में आनेवाली तमाम आपदाओं, जैसे शैक्षणिक, आर्थिक, प्राकृतिक आदि से निपटने का काम करेगी। यह स्थिति सिर्फ आज की नहीं है, पिछली सभी सरकार ने सीमांचल को आपदा को बढ़ाने का काम किया। राहत कादरी ने बताया कि हमलोगों ने यह निर्णय लिया है कि सीमांचल के विकास के लिए इन जिलों में लोगों को जागरुक करने का काम करेंगे। उन पार्टियों का विरोध करेंगे, जिनके कारण सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। 

बताते चलें राहत कादरी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, ऐसे में अलग सीमांचल के राज्य बनाने के डिमांड कहां तक जायज है यह तो वक्त  ही बता पाएगा लेकिन कुल मिलाकर पिछड़ेपन से जुड़े इस आंकड़े का हवाला देते हुए अब राजनीतिक संगठनों के साथ-साथ सामाजिक संगठन भी इन इलाकों में लोगों के बीच इन मुद्दों पर काम करने की बात कह रहे है।

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