पंचायत चुनाव के कैंडिडेटों को लगेगा झटका, पंचायती राज विभाग ने निर्वाचन आयोग से कर दी यह मांग, रद्द हो सकती है उम्मीदवारी

पंचायत चुनाव के कैंडिडेटों को लगेगा झटका, पंचायती राज विभाग ने निर्वाचन आयोग से कर दी यह मांग, रद्द हो सकती है उम्मीदवारी

PATNA : बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार निर्वाचन आयोग इसको लेकर सभी जिलों से जरुरी जानकारी मांग रहा है। लेकिन इसी बीच पंचायती राज विभाग ने निर्वाचन आयोग ने एक ऐसी मांग आयोग से कर दी है, जो चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे उम्मीदवारों के लिए बड़ा झटका दे सकती है। पंचायती राज विभाग ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि वह कोरोना टीका लगाने वाले को ही चुनाव लड़ने की इजाजत दें। इस संबंध में आयोग आदेश जारी करे।

मामले में पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हमने आयोग से आग्रह किया है कि जो लोग पंचायत चुनाव लड़ना चाहते हैं, उनके लिए पहले कोरोना का टीका लेना अनिवार्य किया जाए। अगर वह टीका नहीं लेते हैं तो उनकी उम्मीदवारी को रद्द कर दिया जाए। सम्राट चौधरी ने इस दौरान जनप्रतिधियों से भी अपील की है कि वो जल्द-से-जल्द स्वयं तो टीका लें ही, साथ ही अपने परिवार के सदस्यों को भी टीका अवश्य लगवाएं। इससे राज्य में कोरोना का टीका लगाने को लेकर एक अच्छा संदेश भी जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव अक्टूबर-नवंबर में कराने की संभावना है। इसके लेकर मतदाता सूची को अद्यतन करने का निर्देश भी जिलों को दिया गया है। बूथों के पुनर्गठन आदि की कार्रवाई भी शुरू करने को कहा गया है। मालूम हो कि बिहार में ढाई लाख से अधिक पदों के लिए पंचायत चुनाव कराए जाते हैं। इनमें सबसे अधिक एक लाख 14 हजार, 600 पद वार्ड सदस्य के होते हैं। इतने ही पद पंच के भी होते हैं। वहीं 8386 मुखिया और इतने ही पद सरपंच के होते हैं। पंचायत समिति सदस्यों की संख्या 11491 होती है। इस तरह लाखों की संख्या में लोग पंचायत का चुनाव लड़ते हैं। गौरतलब हो कि कोरोना संक्रमण को लेकर ही अभी चुनाव कार्यक्रम को स्थगित किया गया है।


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